आतंकियों के निशाने पर पाक! IED विस्फोट कर उड़ा दिया स्कूल, तीन ब्रिज को भी बनाया निशाना

Pakistan IED Blast: आतंकवादियों ने दक्षिण वजीरिस्तान के एक सरकारी हाई स्कूल को विस्फोटक (IED) से उड़ा दिया, जिससे स्कूल की कई कक्षाएं और परिसर की दीवारें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं।
आतंकियों के निशाने पर PAK! IED विस्फोट कर उड़ा दिया स्कूल, तीन ब्रिज को भी बनाया निशाना
IED विस्फोट कर उड़ा दिया स्कूल, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Pakistan Terrorists Blast in School: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक सरकारी हाई स्कूल पर रविवार को आतंकी हमला हुआ। आतंकवादियों ने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल कर स्कूल को निशाना बनाया। दक्षिण वजीरिस्तान जिले के बर्मेल तहसील स्थित कराबाघ क्षेत्र में यह घटना हुई। विस्फोट की वजह से स्कूल की कई कक्षाएं और परिसर की दीवार पूरी तरह ध्वस्त हो गई। हालांकि, इस हमले में किसी के तरह के नुकसान की खबर नहीं है।

स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस इलाके में हाल के दिनों में बढ़ती हिंसा और अशांति के कारण डर का माहौल बना हुआ है, जिससे शिक्षण संस्थानों का संचालन बाधित हो रहा है। इस घटना ने क्षेत्र में शैक्षिक गतिविधियों पर गंभीर असर डाला है।

हाईवे पर हालात चिंताजनक

वाना-अजम वारसाक हाईवे पर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। आतंकवादियों द्वारा हाल ही में विस्फोटकों का इस्तेमाल करके तीन पुलों को नष्ट कर दिए जाने के कारण आम लोगों की यात्रा प्रभावित हुई है। इस घटना ने स्थानीय लोगों को बेहद परेशान कर दिया है। उन्होंने सरकार से तुरंत जांच शुरू करने और सुरक्षा प्रबंधों को सख्त बनाने की अपील की है।

स्कूल के कई कमरे पूरी तरह से ध्वस्त

यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 6 जून को भी अनजात बंदूकधारियों ने टैंक जिले के गुल इमाम थाना क्षेत्र के अकबरी गांव में एक सरकारी हाई स्कूल को बम से उड़ा दिया था। उस हमले में स्कूल के कई कमरे पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे।

लड़कियों के स्कूलों पर कई आतंकवादी हमले

2019 तक पाकिस्तान के स्वात घाटी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में, जहां पाकिस्तानी तालिबान का प्रभुत्व था, लड़कियों के स्कूलों पर कई आतंकवादी हमले हुए। इनमें एक प्रमुख घटना 2012 में मलाला यूसुफजई पर हमला था, जो उस समय एक स्कूली छात्रा और बालिका शिक्षा की समर्थक थीं। इस हमले के बावजूद मलाला ने अपना संघर्ष जारी रखा और बाद में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हुईं।

450 से ज्यादा स्कूल हुए तबाह

स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दस वर्षों (2015-2025) में इस क्षेत्र में हुए हमलों में 450 से ज्यादा स्कूलों को तबाह कर दिया गया है। इसके कारण कई छात्र-छात्राओं को या तो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी या फिर टूटी-फूटी इमारतों के आसपास कक्षाएं लगाकर पढ़ाई करनी पड़ी। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के विभिन्न गुट, जो इस इलाके में सक्रिय हैं, लड़कियों की शिक्षा के विरोधी हैं और अक्सर उनके स्कूलों को निशाना बनाते हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com