Imran Khan से मुलाकात की मांग सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Meeting Request Rejected: पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान से तत्काल मुलाकात की मांग खारिज की। अदालत ने कहा कि सरकार को नोटिस दिए बिना आदेश संभव नहीं। अगली सुनवाई अब मंगलवार को होगी।
Pakistan Supreme Court Rejects Immediate Meeting with Imran Khan, Issues Notice to Government
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pakistan Supreme Court Legal Notice: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने की तत्काल अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत का स्पष्ट मत है कि दूसरे पक्ष यानी सरकार को पूर्व सूचना दिए बिना इस तरह का कोई भी आदेश पारित नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि नियम और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। इस याचिका पर अब सरकार को औपचारिक नोटिस जारी किया गया है और अगली सुनवाई के लिए मंगलवार का दिन तय किया गया है।

अदालत का कड़ा रुख

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि बिना सरकारी पक्ष को सुने कोई भी निर्देश जारी करना कानूनन न्यायोचित नहीं होगा। इमरान खान की पार्टी PTI के वरिष्ठ नेता लतीफ खोसा ने अदालत से अपने मुवक्किल से जेल में तत्काल मिलने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने कहा कि पहले यह तय करना होगा कि यह याचिका सुनवाई के योग्य है भी या नहीं क्योंकि कई अन्य मामले लंबित हैं।

लंबित कानूनी प्रक्रियाएं

मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी ने टिप्पणी की कि इमरान खान से जुड़े कई मामले पहले से ही विभिन्न निचली अदालतों में विचाराधीन चल रहे हैं। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अगस्त 2023 के एक पुराने आदेश के बाद यह याचिका कानूनी रूप से अब प्रभावहीन हो सकती है। लतीफ खोसा ने मुलाकात के लिए काफी जोर दिया लेकिन अदालत ने प्रक्रियात्मक औपचारिकता पूरी करने की बात दोहराते हुए सुनवाई फिलहाल टाल दी।

नई बेंच का गठन

पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने साइफर मामले में इमरान खान की रिहाई के खिलाफ अपीलों की सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय बेंच बनाई है। इसके साथ ही तोशाखाना मामले में मिली जमानत को रद्द करने वाली याचिकाओं को भी अदालत ने अभी प्रभावहीन मानते हुए खारिज कर दिया। अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भी इमरान खान की जमानत याचिका को प्रभावहीन बताते हुए अदालत ने उसे सुनने से पूरी तरह इनकार कर दिया।

9 मई की घटनाएं

लाहौर में पिछले साल 9 मई को हुई हिंसक घटनाओं से जुड़े जमानत रद्द करने के मामलों पर भी कोर्ट काफी गंभीर नजर आ रहा है। इन विशिष्ट मामलों की सुनवाई के लिए भी एक अलग से तीन सदस्यीय विशेष पीठ का गठन करने का कड़ा आदेश दिया गया है। इमरान खान के लिए आने वाले दिन कानूनी तौर पर काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं क्योंकि अब कई अलग मोर्चों पर सुनवाई होनी है।

सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने अब आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान सरकार को मंगलवार तक के लिए अपना पक्ष रखने हेतु एक नया नोटिस जारी कर दिया है। अब सबकी निगाहें मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में कोई राहत मिल पाएगी। PTI के समर्थक और उनकी कानूनी टीम उम्मीद कर रहे हैं कि अदालत मुलाकात के अधिकार को मौलिक अधिकारों के तहत सुरक्षित रखेगी।

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