- Hindi News »
- World »
- Pakistan Neglect Hindu Sikh Religious Sites
Pakistan Heritage: हिंदू-सिख विरासत की उपेक्षा का आरोप, 98% धार्मिक स्थल उपेक्षित या नष्ट
Hindu Sikh Sites: एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार संगठन (वीओपीएम) ने पाकिस्तान सरकार पर हिंदू और सिख समुदायों की धार्मिक विरासत की जानबूझकर उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है।
- Written By: प्रिया सिंह

पाकिस्तान पर हिंदू और सिख समुदायों की धार्मिक विरासत की उपेक्षा का आरोप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Neglect of Religious Sites: एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार संगठन (वॉइस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी) ने पाकिस्तान सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि सरकार जानबूझकर हिंदू और सिख समुदायों की धार्मिक विरासत की उपेक्षा कर रही है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, देश के अधिकांश मंदिरों और गुरुद्वारों की सुरक्षा और देखभाल में सरकार बुरी तरह विफल रही है। यह स्थिति पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
धार्मिक विरासत की जानबूझकर उपेक्षा का आरोप
वॉइस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) नामक एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार संगठन ने पाकिस्तान सरकार पर हिंदू और सिख समुदायों की धार्मिक विरासत को जानबूझकर नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि सरकार कई सालों से देश भर के मंदिरों और गुरुद्वारों की रक्षा करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है।
वीओपीएम के अनुसार, पाकिस्तान में मौजूद हिंदू और सिख धर्मस्थलों में से लगभग 98 फीसदी या तो बंद पड़े हैं, उन पर गैरकानूनी कब्जा है या वे धीरे-धीरे नष्ट हो रहे हैं। संगठन ने जोर देकर कहा कि यह केवल साधारण लापरवाही नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक ढांचे की सोच और भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है।
सम्बंधित ख़बरें
क्यों बनाई जाती है बैसाखी? 2026 में ‘इस’ दिन मनाई जाएगी Baisakhi, नोट कीजिए सटीक तिथि
कंगाली के कगार पर पाकिस्तान! सऊदी अरब के आगे फैलाया हाथ, 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट और तेल के लिए रखी 8 बड़ी मांगें
पाकिस्तानी सेना ने खुलेआम किया कत्लेआम, 7 बलूचों को उतारा मौत के घाट! मानवाधिकार रिपोर्ट का चौंकाने वाला दावा
‘मेरे घर कप थोड़े ही लाएंगे…’, भारत की जीत पर बुरी तरह झल्लाए मोहम्मद आमिर, भविष्यवाणी गलत होने पर फूटा गुस्सा
सरकारी आंकड़े बताते हैं हकीकत
ताजा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की संसद की अल्पसंख्यक समिति में जो आंकड़े पेश किए गए हैं, वे स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। समिति को बताया गया कि कागजों पर दर्ज 1,285 हिन्दू मंदिरों और 532 गुरुद्वारों में से, यानी कुल 1,817 धर्मस्थलों में से, केवल 37 ही अभी सही तरीके से चल रहे हैं।
संगठन ने कहा कि यह स्थिति और भी दुखद इसलिए है, क्योंकि इसके पीछे एक व्यवस्थित भेदभाव दिखाई देता है। जहां धार्मिक ढांचे टूट रहे हैं, वहीं स्कूलों की किताबों में भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण सामग्री मौजूद है। इसके अलावा, अल्पसंख्यक छात्रों को मुस्लिम छात्रों को मिलने वाले छात्रवृत्ति या कोटा लाभ के बराबर कोई लाभ नहीं मिलता है।
करतारपुर मॉडल से छिपती सच्चाई
वीओपीएम ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान दुनिया को करतारपुर कॉरिडोर जैसे स्थल दिखाकर गर्व महसूस करता है, लेकिन देशभर में सैकड़ों मंदिर और गुरुद्वारे खंडहर बने पड़े हैं, जिनकी कोई सुध नहीं ली जा रही। संगठन का मानना है कि एक अकेला, अच्छी तरह से रखा गया तीर्थस्थल उन सैकड़ों टूटी हुई इमारतों की सच्चाई को नहीं छिपा सकता, जहां कभी लोग पूजा करते थे।
कई जगह तो पौधों-झाड़ियों ने मंदिरों को पूरी तरह से ढक लिया है या उन पर निजी लोगों ने कब्जा कर लिया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यह नुकसान सिर्फ अल्पसंख्यकों का नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की विश्वसनीयता और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी नुकसान है।
बहुलवादी अतीत की अंतिम आवाजें
वीओपीएम का कहना है कि किसी देश का मूल्यांकन इस बात से होता है कि वह अपने सबसे छोटे और कमजोर समुदायों के साथ कैसा व्यवहार करता है। आज पाकिस्तान के सामने यह स्पष्ट आंकड़ा है कि 1,817 धार्मिक स्थलों में से सिर्फ 37 ही चल रहे हैं।
यह भी पढ़ें: ट्रंप को नहीं मिला नोबेल तो अमेरिका ने बनाया खुद का FIFA पीस अवार्ड, पहली बार ट्रंप को मिला सम्मान
संगठन ने कहा कि ये इमारतें सिर्फ ढांचे नहीं हैं, बल्कि वे पाकिस्तान के उस बहुलवादी अतीत की अंतिम आवाजें हैं, जिसकी रक्षा करने का वादा देश ने किया था। हर बंद पड़ा मंदिर और हर टूटता गुरुद्वारा यही याद दिलाता है कि राज्य अपने संविधान में दिए गए समानता, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता के वादों को निभाने में असफल रहा है।
Pakistan neglect hindu sikh religious sites
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
सोशल मीडिया पर लिखी छोटी-सी बात से भी खुल सकती है आपकी असली पहचान, AI को लेकर नई चेतावनी
Mar 10, 2026 | 03:17 AMAaj Ka Rashifal 10 March: मेष और मकर राशि वालों की खुलेगी किस्मत! जानें कैसा रहेगा आपका का दिन
Mar 10, 2026 | 12:05 AMरोज़ा रखने में किन बातों का रखें ख़ास ख्याल? जानिए इसके ज़रूरी नियम
Mar 09, 2026 | 10:46 PMअसम चुनाव में हो सकती है समाजवादी पार्टी की एंट्री, अखिलेश यादव उतार सकते हैं 5 उम्मीदवार, क्या है रणनीति?
Mar 09, 2026 | 10:38 PMअभिषेक शर्मा का सपना हुआ पूरा, पिता ने बताया कैसे अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद देखा था ये ख्वाब
Mar 09, 2026 | 10:13 PMशेम ऑन टीम इंडिया! विश्व विजेता टीम पर क्यों फट पड़ा 1983 का वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी…आखिर क्या है पूरा मामला?
Mar 09, 2026 | 10:12 PMइटावा जिला अस्पताल में हाई-वोल्टेज ड्रामा! तंबाकू खा रहे डॉक्टर को मरीज ने टोका, तो भड़क गए साहब- VIDEO
Mar 09, 2026 | 10:03 PMवीडियो गैलरी

मैदान पर जीत…घर में मातम, भीषण सड़क हादसे में ईशान किशन की बहन और जीजा की मौत- VIDEO
Mar 09, 2026 | 09:57 PM
‘मैंने तो पहले ही बम फोड़ दिया था, लेकिन…’, निशांत कुमार की JDU में एंट्री पर तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया
Mar 09, 2026 | 09:26 PM
CM योगी की मां पर विवादित बयान से बवाल, मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ 83 थानों में FIR; यूपी में उबाल-VIDEO
Mar 09, 2026 | 09:17 PM
शादी के मंडप की जगह चिता की आग: वर्दी में मंगेतर ने दी स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा को अंतिम विदाई, रो पड़ा गांव
Mar 09, 2026 | 06:33 PM
इटावा अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा, डॉक्टर के तंबाकू की ‘पीक’ पर फूटा मरीज का गुस्सा, चैंबर बना जंग का मैदान
Mar 09, 2026 | 06:15 PM
Video: अली खामेनेई के बाद मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने क्या ऐलान कर दिया?
Mar 09, 2026 | 03:23 PM














