क्या कुछ बड़ा होने वाला है? पाकिस्तान का बड़ा सैन्य कदम, अरब सागर में बढ़ी हलचल; जानें पूरा मामला
Pakistan News: पाकिस्तान नौसेना उत्तरी अरब सागर में 8-9 जनवरी 2026 को बड़ा फायरिंग अभ्यास करने जा रही है। सुरक्षा कारणों से ग्वादर, ओरमारा और कराची के हवाई मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
अरब सागर में पाकिस्तान की गर्जना, (डिजाइन फोटो)
Pakistan Navy Exercise Arabian Sea: पाकिस्तान की नौसेना उत्तरी अरब सागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में दो दिवसीय फायरिंग अभ्यास की तैयारी कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अभ्यास 8 जनवरी 2026 से शुरू होकर 9 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस सैन्य गतिविधि की संवेदनशीलता को देखते हुए पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर NOTMAR (नाविकों के लिए नोटिस) और NOTAM (विमानन नोटिस) जारी किया है।
इस अभ्यास के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्वादर, ओरमारा और कराची के आसपास के कई हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। नागरिक विमानों के लिए ये रास्ते 8 जनवरी को सुबह 03:00 UTC से लेकर 9 जनवरी को दोपहर 13:00 UTC तक उपलब्ध नहीं होंगे।
मिसाइल परीक्षण और आधुनिक हथियार प्रणाली
इस अभ्यास में पाकिस्तान नौसेना अपने जहाजों से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और तोपखाने का परीक्षण करेगी। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान अपने नौसैनिक आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रहा है। इसमें FM-90(N) ER जैसी उन्नत सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों का एकीकरण शामिल है जिसका सफल परीक्षण 2025 के अंत में किया गया था। यह मिसाइल प्रणाली हवाई खतरों के खिलाफ लंबी दूरी तक सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है।
सम्बंधित ख़बरें
Quad Summit: मार्को रुबियो बोले- ‘अब सिर्फ बातों तक सीमित नहीं रहा क्वाड बल्कि ठोस कार्रवाई का मंच है’
Quad Summit: नई दिल्ली में शुरू हुई क्वाड समिट, विदेश मंत्री एस जयशंकर कर रहे क्वाड बैठक की अध्यक्षता
Israel Attack: लेबनान में इजरायल का भयंकर हमला, हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर पूरी तरह तबाह
Russia Threat: रूस ने यूक्रेन को दी बड़े हमले की चेतावनी, कीव पर हमले का खतरा, नागरिकों से शहर छोड़ने की अपील
पाकिस्तान नौसेना के अनुसार, इस तरह के अभ्यास नियमित प्रशिक्षण का हिस्सा हैं। इनका मुख्य उद्देश्य युद्ध क्षमता को बनाए रखना और अपनी हथियार प्रणालियों की प्रभावशीलता का सत्यापन करना है।
भारत और क्षेत्रीय देशों की पैनी नजर
अरब सागर का यह हिस्सा रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, यही कारण है कि भारत समेत पूरे क्षेत्र की नजरें इस सैन्य गतिविधि पर टिकी हुई हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों ही अपनी नौसैनिक क्षमताओं का लगातार आधुनिकीकरण कर रहे हैं। अरब सागर में दोनों देशों द्वारा अक्सर किए जाने वाले ये अभ्यास राष्ट्रीय रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं।
यह भी पढ़ें:- 10 साल का इंतजार खत्म, बांग्लादेश-पाकिस्तान के बीच शुरू होंगी सीधी उड़ानें; जानें क्या है शेड्यूल
क्या होता है NOTAM?
नागरिक उड्डयन और समुद्री यातायात की सुरक्षा के लिए NOTAM जारी करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। यह नोटिस पायलटों और जहाजों के कप्तानों को उन विशिष्ट खतरों वाले क्षेत्रों के बारे में सचेत करता है जहां वास्तविक फायरिंग या सैन्य ड्रिल चल रही होती है। इन सूचनाओं में सटीक भौगोलिक निर्देशांक (Coordinates), ऊंचाई और समय सीमा का विवरण दिया जाता है ताकि किसी भी अनपेक्षित दुर्घटना को टाला जा सके।
