
पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट। इमेज-सोशल मीडिया
India 5th Generation Fighter Jet: अमेरिका ने हाल में सैन्य ऑपरेशन करके वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया। इस घटना ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षा के लिहाज से भारत काफी संवेदनशील है। भारत अब 5th जेनरेशन फाइटर जेट बनाने की दिशा में अहम कदम उठा चुका है। इसे लेकर एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट लॉन्च हुआ है। इसके तहत पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट्स विकसित होंगे।
देश के सबसे महत्वाकांक्षी सैन्य विमानन कार्यक्रम एएमसीए को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने कहा है कि देश का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट एएमसीए प्रोजेक्ट तय समय से आगे बढ़ रहा है। इस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान का पहला प्रोटोटाइप 2028 के अंत तक रोलआउट होगा। इसकी पहली उड़ान 2029 की शुरुआत में होने की संभावना है।
डॉ. कामत ने बेंगलुरु में आयोजित तेजस-25 नेशनल सेमिनार के दौरान कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने किया था, जो स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस की पहली उड़ान के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। फाइटर जेट विकसित होने के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन श्रेणी में आ जाएगा। बता दें, मौजूदा समय में पांचवीं पीढ़ी के जेट्स में अमेरिकी F-35 और Su-57 टॉप पर हैं। डीआरडीओ प्रमुख के अनुसार एएमसीए प्रोग्राम अब सिर्फ डिजाइन और कॉन्सेप्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वास्तविक विकास के चरण में पहुंच चुका है। यह परियोजना भारतीय वायुसेना (IAF) की जरूरतों के अनुसार सख्त और समयबद्ध योजना के तहत आगे बढ़ रही है।
एएमसीए को लेकर डीआरडीओ का भरोसा काफी हद तक तेजस कार्यक्रम से मिले अनुभव पर बेस्ड है। शुरुआती वर्षों में तेजस परियोजना को कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मगर, इस प्रक्रिया ने भारत को एक मजबूत घरेलू रक्षा औद्योगिक ढांचा तैयार करने में मदद की। तेजस के जरिए देश में आधुनिक फ्लाइट टेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल इंजीनियरों और तकनीशियनों की टीम और मजबूत सप्लाई चेन विकसित हो गई।
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तेजस 25 सेमिनार में भविष्य की ओर देखते हुए 2047 तक भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति बनाने की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ। एएमसीए को इस विजन का अहम हिस्सा माना जा रहा है। डॉ. समीर कामत के बयान से पता चलता है कि भारत अब उन्नत सैन्य विमानन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एएमसीए इस दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
Ans: अत्याधुनिक विमान। ये विमान तेज स्पीड के होने के साथ-साथ दुश्मन की नजरों में अदृश्य रहने और युद्ध के मैदान की हर जानकारी को पलक झपकते समझने में सक्षम होते हैं।
Ans: अमेरिका, चीन और रूस।
Ans: इजराइल, जापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम (UK), इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, डेनमार्क, बेल्जियम, पोलैंड, जर्मनी, फिनलैंड और स्विट्जरलैंड।
Ans: दक्षिण कोरिया और तुर्की
Ans: पहली उड़ान 2029 में हो सकती है।






