पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस टीम पर हमला, धमाके में सीनियर ऑफिसर समेत 6 की मौत
Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अफगान सीमा के पास टैंक जिले में एक सड़क किनारे हुए बम धमाके में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
पाकिस्तान में बम धमाका, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Khyber Pakhtunkhwa News In Hindi: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में अफगान सीमा के नजदीक टैंक जिले में सोमवार को एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक टीम अपने वाहन में नियमित गश्त पर थी, तभी सड़क किनारे पहले से लगाए गए बम में जोरदार विस्फोट हो गया। इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पुलिस वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की भी मौत
स्थानीय पुलिस प्रमुख परवेज़ शाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मारे गए पुलिसकर्मियों में इलाके के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इशाक अहमद भी शामिल हैं। इशाक अहमद उस समय गश्ती दल का नेतृत्व कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद भारी पुलिस बल और बचाव दल मौके पर पहुंचा और शवों को अस्पताल पहुँचाया गया। परवेज़ शाह ने कहा कि फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच जारी है और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया और शोक
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन अधिकारियों ने देश की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। नकवी ने संकल्प दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ जंग जारी रहेगी।
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TTP पर गहराया संदेह
अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का संदेह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में TTP ने पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से TTP पाकिस्तान में अधिक सक्रिय हो गया है।
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सीमा पर तनाव और कूटनीतिक कड़वाहट
पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि TTP अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग करके पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी साजिशें रचता है। हालांकि, काबुल की तालिबान सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। अक्टूबर में यह तनाव तब और बढ़ गया था जब काबुल ने इस्लामाबाद पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया था, जिसके बाद सीमा पर हिंसक झड़पें भी हुई थीं। हालांकि कतर की मध्यस्थता से संघर्षविराम हुआ था, लेकिन हालिया शांति वार्ताएं बेनतीजा रही हैं।
