पाकिस्तान में जेन Z बनाम सिस्टम, 60% युवाओं के भविष्य ने बढ़ाई चिंता; रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Pakistan Gen Z Crisis: पाकिस्तान की 60% युवा आबादी आर्थिक संकट, बेरोजगारी, सेंसरशिप और पलायन से जूझ रही है। रिपोर्ट में जेन Z के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
In Pakistan, Generation Z vs. the system: The future of 60% of young people raises concerns; report reveals major findings.
पाकिस्तान में युवाओं के भविष्य ने बढ़ाई चिंता, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
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Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान की लगभग 60 प्रतिशत आबादी 30 वर्ष से कम उम्र की है, लेकिन देश की यह युवा पीढ़ी आज गंभीर आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक संकटों का सामना कर रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेशन जेड यानी डिजिटल युग में पली-बढ़ी सबसे बड़ी पीढ़ी, देश के भविष्य को बदलने की क्षमता रखती है, लेकिन मौजूदा हालात ने इसके सपनों को सीमित कर दिया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में युवा बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। महंगाई ने आम लोगों की क्रय शक्ति को कमजोर कर दिया है और स्थायी नौकरियां मिलना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए करियर, घर और स्थिर जीवन जैसी आकांक्षाएं पीछे छूटती जा रही हैं। अब उनकी प्राथमिकता केवल जीवनयापन तक सीमित हो गई है।

बड़ी संख्या में युवा देश छोड़ने को मजबूर

आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक अनिश्चितता के चलते बड़ी संख्या में युवा देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। खासकर मध्यम वर्ग के लोगों में यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि शिक्षा और मेहनत अब सफलता की गारंटी नहीं रही। विदेश में बेहतर अवसरों की तलाश पलायन को बढ़ावा दे रही है। शिक्षा व्यवस्था भी गंभीर संकट में है। साक्षरता दर कम बनी हुई है और लाखों बच्चे अब भी स्कूल से बाहर हैं। लैंगिक असमानता एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कई लड़कियां कम उम्र में शादी या घरेलू जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं, जबकि लड़के कमाने के लिए जल्दी काम पर लग जाते हैं।

डिजिटल दबाव ने हालात को खराब किया

इससे देश में कौशल अंतर बढ़ रहा है, खासकर बलूचिस्तान जैसे पिछड़े इलाकों में युवा आधुनिक तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए तैयार नहीं हो पा रहे हैं। सरकारी संस्थाओं पर भरोसा कम हो रहा है और राजनीतिक भागीदारी में गिरावट देखी जा रही है।

हालांकि सोशल मीडिया युवाओं के लिए अभिव्यक्ति का एक अहम मंच बना हुआ है, लेकिन कड़े नियंत्रण और सेंसरशिप ने कई लोगों को चुप रहने या देश छोड़ने के लिए मजबूर किया है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, जलवायु आपदाएं और डिजिटल दबाव ने हालात को और खराब कर दिया है।

युवाओं के बीच बढ़ता तनाव

इस महीने अमेरिका में पढ़ रहे पाकिस्तानी पीएचडी छात्र जोरैन निजामानी का एक लेख, जिसमें उन्होंने जेन Z की चुनौतियों पर चर्चा की थी, प्रकाशित होने के तुरंत बाद हटा दिया गया। इसे सत्ता संरचना की आलोचना माना गया जिससे सरकार और युवाओं के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है।

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