
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था (सोर्स-सोशल मीडिया)
High Energy Costs And Taxes Pakistan: पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि देश का वर्तमान आर्थिक ढांचा विदेशी निवेश के लिए प्रतिकूल हो चुका है। ऊंचे करों, महंगी बिजली और फाइनेंसिंग की भारी लागत के कारण कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब पाकिस्तान से अपना कारोबार समेट रही हैं।
यह स्वीकारोक्ति इस्लामाबाद में आयोजित एक नीतिगत संवाद के दौरान की गई, जिससे पाकिस्तान की डगमगाती अर्थव्यवस्था की गंभीर स्थिति उजागर हुई है। सरकार ने कंपनियों से अपने बिजनेस मॉडल बदलने का आग्रह किया है, लेकिन बुनियादी समस्याओं के समाधान के बिना निवेश बचाना चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
पाकिस्तान ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्री ने माना है कि कंपनियां देश छोड़ रही हैं और यह एक कड़वा सच है। प्रॉक्टर एंड गैम्बल, एली लिली, शेल, माइक्रोसॉफ्ट और उबर जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने कार्यालय खाड़ी देशों में स्थानांतरित कर लिए हैं। कराधान की ऊंची दरें और महंगी ऊर्जा ने इन कंपनियों के लिए लाभ कमाना लगभग नामुमकिन बना दिया है जिससे पाकिस्तान की वैश्विक साख गिर रही है।
स्थानीय और विदेशी निवेशक लंबे समय से ऊर्जा शुल्क कम करने और कर ढांचे में सुधार की मांग कर रहे हैं लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। महंगी फाइनेंसिंग और अवरोधक नीतियां निवेश आकर्षित करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रही हैं जिससे औद्योगिकीकरण की गति थम गई है। वित्त मंत्री ने जोर दिया कि आर्थिक वृद्धि अपने आप नहीं आएगी और इसके लिए सरकार को ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने होंगे।
इस आर्थिक उथल-पुथल के बीच टेलीनॉर ग्रुप ने भी पाकिस्तान से अपना पूरा कारोबार समेटने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर पूरी कर ली है। कंपनी ने अपनी पाकिस्तानी इकाई को पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (PTCL) को बेच दिया है जो कारोबार के कठिन माहौल का प्रमाण है। मोबाइल ऑपरेटरों के लिए भी देश में अस्थिर नीतियों और घटते राजस्व के बीच परिचालन जारी रखना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
कतर का अल थानी ग्रुप इस सूची में नवीनतम नाम है जिसने पाकिस्तान से बाहर निकलने के स्पष्ट संकेत दिए हैं और भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई है। कंपनी ने पाकिस्तान सरकार द्वारा बकाया भुगतान में चूक होने की स्थिति में अपना परिचालन पूरी तरह निलंबित करने की कड़ी चेतावनी जारी की है। राजनीतिक अस्थिरता और भुगतान संकट ने कतर जैसे मित्र देशों के निवेशकों के भरोसे को भी गंभीर चोट पहुंचाई है।
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एशियन लाइट की रिपोर्ट के अनुसार अगर पाकिस्तान को भविष्य में निवेश आकर्षित करना है तो उसे अपनी कर प्रणाली को आधुनिक और तर्कसंगत बनाना होगा। कंपनियों को सिर्फ बिजनेस मॉडल बदलने की सलाह देने से काम नहीं चलेगा क्योंकि बिजली की कीमतें उद्योगों की कमर तोड़ रही हैं। सरकार को अब ऐसी नीतियां बनानी होंगी जो न केवल मौजूदा निवेश को बचा सकें बल्कि वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को प्रतिस्पर्धी भी बना सकें।
Ans: प्रॉक्टर एंड गैम्बल, एली लिली, शेल, माइक्रोसॉफ्ट, उबर, यामाहा और टेलीनॉर जैसी बड़ी कंपनियों ने पाकिस्तान छोड़ दिया है।
Ans: वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने ऊंचे कर ढांचे, अत्यधिक ऊर्जा लागत और महंगी फाइनेंसिंग को कंपनियों के पलायन का मुख्य कारण बताया है।
Ans: टेलीनॉर ग्रुप ने अपना पाकिस्तानी कारोबार पूरी तरह समेट लिया है और इसे पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (पीटीसीएल) को बेच दिया है।
Ans: कतर के इस ग्रुप ने बकाया भुगतान में देरी पर असंतोष जताया है और भुगतान में चूक होने पर परिचालन निलंबित करने की बात कही है।
Ans: अत्यधिक कराधान और अस्थिरता के कारण अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने क्षेत्रीय कार्यालय पाकिस्तान से हटाकर खाड़ी देशों (Gulf Countries) में स्थानांतरित कर रही हैं।






