Share Market Crash: शेयर बाजार में कोहराम, ईरान युद्ध और $100 पार कच्चे तेल ने तोड़ी निवेशकों की कमर

Stock Market Falls: अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों के $100 पार जाने से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिससे निवेशकों में घबराहट और मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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आज शेयर बाजार में कोहराम (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US Iran War Market Impact: आज के दौर में दुनिया भर में जारी तनाव का सीधा असर आम आदमी की जेब और उसके निवेश पर पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मचा दिया है और निवेशकों की नींद उड़ा दी है। शेयर बाजार की इस उथल-पुथल ने देश की आर्थिक स्थिरता के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती पेश कर दी है। अमेरिका ईरान युद्ध बाजार प्रभाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी है।

लाल निशान पर खुला बाजार

गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही बड़े नुकसान के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 494 अंक टूटकर 76369 के स्तर पर खुला जिससे हर तरफ लाल निशान ही दिखा। वहीं निफ्टी ने भी 192 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 23674 के लेवल से अपने कारोबार की शुरुआत की जो चिंताजनक है। बाजार में आई इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों में छाई कमजोरी और युद्ध की वजह से पैदा हुई अनिश्चितता है। बुधवार को भी भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखी गई थी जब सेंसेक्स ने करीब 1,342 अंकों का बहुत बड़ा गोता लगाया था। निवेशकों को डर है कि युद्ध लंबा खिंचने पर उनकी मेहनत की कमाई पर और भी बुरा असर पड़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में आग

युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम जनता के बजट को बिगाड़ दिया है। इराक द्वारा अपने दो तेल बंदरगाहों पर परिचालन बंद करने के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 8% बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई। ईरान ने तो यहां तक चेतावनी दे दी है कि दुनिया को अब 200 डॉलर प्रति बैरल की दर से तेल खरीदने के लिए तैयार रहना चाहिए।

बढ़ती तेल कीमतों ने मुद्रास्फीति यानी महंगाई की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है जिससे आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल होगा। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने हालांकि बाजार में 400 मिलियन बैरल आपातकालीन तेल भंडार जारी करने का ऐलान किया है जो एक राहत की बात है। लेकिन जब तक युद्ध शांत नहीं होता तब तक बाजार में ऐसी अस्थिरता बनी रहने की पूरी संभावना बनी हुई है।

ग्लोबल मार्केट का बुरा हाल

केवल भारत ही नहीं बल्कि एशियाई और अमेरिकी शेयर बाजारों में भी इस युद्ध का बहुत गहरा और नकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। जापान का निक्केई सूचकांक 1.6% तक गिर गया जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी करीब 0.75% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट पर भी रातभर गिरावट का माहौल रहा जिससे दुनिया भर के निवेशकों में भारी डर बैठ गया है।

डॉलर इंडेक्स में बढ़त और सोने की कीमतों में आई मामूली गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशक अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। दिग्गज आईटी कंपनी ओरेकल के शेयरों में भी 9.2% की बड़ी टूट देखी गई जिसने टेक सेक्टर के निवेशकों को काफी झटका दिया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि आने वाले कुछ दिन बाजार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

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