- Hindi News »
- Business »
- Foreign Investors Withdrew Rs 74822 Crore Fpi Remained Sellers For 8 Months
FPI की महा-बिकवाली, 8 महीनों में ₹74,822 करोड़ लेकर भागे विदेशी निवेशक, शेयर बाजार के लिए खतरा!
Share Market: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार निकासी निवेशकों और विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आइए जानतें हैं कि किन कारणों से यह स्थिति बनी हुई है।
- Written By: मनोज आर्या

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
FPI In Share Market: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस साल 26 दिसंबर तक भारतीय पूंजी बाजार से 74, 822 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी है। शुद्ध निकासी का मतलब है कि उन्होंने जितना पैसा बाजार में लगाया है उससे 74,822 करोड़ रुपये ज्यादा निकाले हैं। अकेले दिसंबर में अबतक 29,571 करोड़ रुपये की निकासी की गयी है जो जनवरी के बाद सबसे अधिक है। साल के 12 में से आठ महीने एफपीआई बिकवाल रहे हैं जबकि शेष चार महीने वे शुद्ध रूप से लिवाल रहे हैं।
सीडीएसएल के आंकड़ों के अनुसार, पूरे साल के दौरान एफपीआई ने शुद्ध रूप से 1,52,227 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। वहीं, उन्होंने जमकर डेट में खरीदारी की। उन्होंने 72,893 रुपये के डेट की शुद्ध खरीदी की।
म्यूचुअल फंड में 10,877 करोड़ रुपये का निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने म्यूचुअल फंड में शुद्ध रूप से 10,877 करोड़ रुपये का निवेश किए। हाइब्रिड उपकरणों में भी उन्होंने 1,442 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। दिसंबर में एफपीआई ने 14,734 करोड़ रुपये की इक्विटी की शुद्ध बिकवाली की। महीने के दौरान डेट, हाइब्रिड उपकरणों और म्यूचुअल फंड में भी उनका निवेश नकारात्मक रहा।
सम्बंधित ख़बरें
रुपये में ऐतिहासिक उछाल, 12 साल की सबसे बड़ी तेजी के साथ 2% चढ़ा रुपया; RBI के इस फैसले ने बदला खेल
Share Market: गिरावट के बाद जोरदार कमबैक! लो लेवल से 1,800 अंक सुधरा सेंसेक्स, निवेशकों की लौटी रौनक
Gautam Adani: हनुमान जयंती पर अयोध्या पहुंचे गौतम अदाणी, परिवार संग रामलला का लिया आशीर्वाद
ट्रंप की 100% टैरिफ की धमकी से भारतीय फार्मा सेक्टर में हड़कंप, सन फार्मा और सिपला के शेयर धड़ाम
बीते हफ्ते शेयर बाजार का हाल
इस सप्ताह शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा व्यापक आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुझानों और विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों से प्रभावित होगी। विश्लेषकों ने कहा कि साथ ही वाहन बिक्री के आंकड़ों पर भी करीबी नजर रखी जाएगी। इस साल के कुछ कारोबारी सत्र ही बाकी रहने के कारण भारतीय शेयर बाजारों के सीमित दायरे में रहने का अनुमान है, हालांकि रुझान सकारात्मक रह सकता है। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 112.09 अंक या 0.13 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 75.9 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़ा।
घरेलू मार्केट से क्यों भाग रहे विदेशी निवेशक?
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार निकासी निवेशकों और विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इस साल 12 में से 8 महीनों में विदेशी निवेशकों का ‘बिकवाल’ रहना कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारणों का परिणाम है।
निकासी के मुख्य कारण:
-
चीन का आकर्षण: चीनी सरकार द्वारा अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए घोषित किए गए बड़े प्रोत्साहन पैकेजों (Stimulus Packages) के कारण विदेशी निवेशक भारत जैसे महंगे बाजार से पैसा निकालकर चीन के सस्ते शेयरों में लगा रहे हैं। इसे ‘Buy China, Sell India’ की रणनीति कहा जा रहा है।
-
महंगा वैल्यूएशन: भारतीय शेयर बाजार अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर के करीब है। अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारत का पीई रेशियो (P/E Ratio) काफी अधिक है, जिससे विदेशी निवेशकों को यहाँ मुनाफावसूली करना बेहतर लग रहा है।
-
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स की मजबूती के कारण निवेशक जोखिम वाले उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड में निवेश कर रहे हैं।
-
कमजोर कॉर्पोरेट नतीजे: हालिया तिमाहियों में कई बड़ी भारतीय कंपनियों के वित्तीय नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं, जिससे निवेशकों के भरोसे को चोट पहुंची है।
ये भी पढ़ें: खुद के बिछाए जाल में फंसा अमेरिका! ट्रंप का टैरिफ दांव हुआ फेल, दिवालियापन की कगार पर कंपनियां
घरेलू निवेशकों पर टिका बाजार
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) और रिटेल निवेशकों के दम पर बाजार टिका हुआ है, लेकिन लंबी अवधि की तेजी के लिए विदेशी निवेशकों का वापस आना जरूरी है। फिलहाल, वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव ने उन्हें ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में डाल दिया है।
Foreign investors withdrew rs 74822 crore fpi remained sellers for 8 months
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र के इन जिलों में आसमानी आफत! IMD का ऑरेंज अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल
Apr 02, 2026 | 06:58 PMश्री प्रेमानंद जी महराज ने बताया प्रेम में डूबे भक्त की हालत कैसी होती है? जानिए ऐसा रहस्य, जो जीवन बदल देगा
Apr 02, 2026 | 06:49 PMयुगांडा के नर्सरी स्कूल में कत्लेआम, अभिभावक बनकर घुसे हमलावर ने 4 मासूमों को चाकू से गोदा; मचा हड़कंप
Apr 02, 2026 | 06:45 PMविधानसभा चुनावों के बीच पास होगा महिला आरक्षण बिल? किरेन रिजिजू ने दिए संकेत; कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
Apr 02, 2026 | 06:43 PMअंबरनाथ के उद्योगों पर गहराया युद्ध का साया! कच्चे माल की किल्लत और मजदूरों का पलायन से बढ़ी चिंता
Apr 02, 2026 | 06:43 PMLIVEIPL 2026 KKR vs SRH Live Score: ईडन गार्डन्स में हाईवोल्टेज मुकाबला, कोलकाता के सामने है ईशान किशन की हैदराबाद
Apr 02, 2026 | 06:40 PMरुपये में 12 साल की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी; RBI के मास्टरस्ट्रोक से डॉलर धराशायी, 92.83 के स्तर पर पहुंचा
Apr 02, 2026 | 06:34 PMवीडियो गैलरी

‘मुसलमानों के खिलाफ…’, मदरसा बोर्ड बंद होने पर शहाबुद्दीन रजवी ने CM पुष्कर सिंह धामी पर साधा निशाना
Apr 01, 2026 | 10:51 PM
बिहार के Nalanda में महिला को बीच सड़क पर नोचते रहे मनचले, कपड़े फाड़कर घसीटा
Apr 01, 2026 | 10:36 PM
हत्या के 9 महीने बाद लौटे राजा रघुवंशी, घर में गूंजी बच्चे की किलकारी
Apr 01, 2026 | 10:23 PM
क्या इजरायली जेलों में कैदियों को दिए जा रहे बिजली के झटके? वायरल वीडियो और नए कानून ने दुनिया को चौंकाया
Apr 01, 2026 | 10:03 PM
लखनऊ में ‘वर्दी वाली गुंडागर्दी’? परिवार के सामने युवक को घसीटकर ले गई पुलिस, रोता रहा बच्चा, नहीं बताया कारण
Apr 01, 2026 | 09:58 PM
हाई-स्पीड सफर में सेहत से खिलवाड़! वंदे भारत के खाने पर भड़कीं महिला यात्री, IRCTC ने जांच के बाद दी सफाई
Apr 01, 2026 | 09:53 PM














