Gold-Silver Rate Today: डॉलर की मजबूती और महंगाई ने घटाई सोने-चांदी की चमक, दूसरे दिन गिरावट से निवेशक परेशान

Gold-Silver Rate Today 12 March: अमेरिकी महंगाई और मजबूत डॉलर की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंताएं अब काफी बढ़ गई हैं।
Gold and silver prices drop for second day as dollar strengthens and US inflation rises 
आज भारत में सोने और चांदी का भाव (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US Inflation Impacts Gold-Silver Rates: आज के दौर में दुनिया भर में मची भारी उथल-पुथल के बीच अब सोने और चांदी की चमक भी कुछ कम होती नजर आ रही है। हाल ही में अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है जिससे निवेशक थोड़े चिंतित और सतर्क हैं। अमेरिकी महंगाई का सोने की कीमतों पर असर के इस मुश्किल दौर में डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की कीमतों पर बहुत गहरा दबाव बनाना शुरू कर दिया है। मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच सोने के भाव में यह गिरावट निवेशकों के लिए काफी चौंकाने वाली खबर है।

घरेलू बाजार में कीमतों का हाल

भारतीय बाजार में आज सुबह के कारोबार के दौरान MCX पर सोने का अप्रैल वायदा 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की स्थिति भी कुछ इसी तरह की रही और इसका मई वायदा 0.57 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 2,66,969 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार में जारी इस निरंतर उतार-चढ़ाव ने कमोडिटी ट्रेडिंग करने वाले लोगों को काफी गहरे असमंजस में डाल दिया है और वे अब बाजार में बहुत सावधानी से कदम रख रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर सोने की मुश्किलें

सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में 0.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई और यह गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुँच गया। वैश्विक स्तर पर चांदी में भी 1.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई जिससे यह 84.44 डॉलर के भाव पर ट्रेड कर रही थी और अन्य धातुओं पर भी असर पड़ा। डॉलर इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की मजबूती आने के कारण दुनिया भर के बड़े निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को सोने से ज्यादा प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है।

क्या यह महज एक छोटा सा ठहराव है?

विशेषज्ञ हेबे चेन के अनुसार सोने की कीमतों में आई यह अचानक कमी कोई स्थायी हार नहीं बल्कि बाजार के लिए एक बहुत ही छोटा सा सांस लेने वाला ठहराव है। साल की शुरुआत से अब तक सोने ने अपने निवेशकों को लगभग 20 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है जिससे इसकी लंबी अवधि की आर्थिक चमक अभी भी पूरी तरह बरकरार है। भू-राजनीतिक तनाव और भविष्य में बढ़ती महंगाई की आशंकाओं के कारण आने वाले हफ्तों में सोने की मांग में फिर से जबरदस्त उछाल आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

महंगाई और ब्याज दरों का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होने से सोने के लिए आगे की राह अब थोड़ी कठिन और चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। निवेशक वर्तमान में अपने वित्तीय पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए सोने को नकदी में बदलकर अन्य सुरक्षित विकल्पों पर विचार कर रहे हैं जो एक सामान्य बाजार व्यवहार है। यूरोपीय यूनियन की चेतावनी कि महंगाई दर 3 प्रतिशत के पार जा सकती है, ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच महंगाई को लेकर चिंताओं को और अधिक गहरा कर दिया है।

युद्ध और अस्थिरता का असर

24 फरवरी से शुरू हुए भीषण युद्ध के बाद से सोने का कारोबार काफी अस्थिर रहा है और इसकी कीमतों में ऊपर जाने की रफ्तार अब काफी हद तक थम गई है। युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में आए उछाल ने पूरी दुनिया में महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की वैश्विक मांग और आपूर्ति पर पड़ रहा है। यद्यपि युद्ध के समय सोना हमेशा एक मजबूत सहारा रहा है, लेकिन फिलहाल मजबूत डॉलर की बढ़त ने बाजार की इस जंग में बाजी मारते हुए निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

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