भारत के सामने UN में फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, सिंधु जल संधि की बहाली की लगाई गुहार, कही ये बड़ी बा

Pakistan News: पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में भारत पर सिंधु जल संधि के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इसे एकतरफा निलंबित करने का विरोध किया; संधि की बहाली तथा सामान्य संचालन की अपील की।
भारत के सामने UN में फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, सिंधु जल संधि की बहाली की लगाई गुहार, कही ये बड़ी बात
पाकिस्तान ने भारत सिंधु जल संधि की बहाली की लगाई गुहार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan on Indus Water Treaty: पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत से सिंधु जल संधि को बहाल करने की मांग दोहराई है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे संधि का उल्लंघन करने वाला बताया और खुद को पीड़ित के रूप में पेश किया। उनका आरोप है कि भारत ने सिंधु जल संधि को एकतरफा निलंबित कर उसके मूल सिद्धांतों को कमजोर कर दिया है।

इफ्तिखार अहमद के अनुसार, भारत का यह कदम न केवल पाकिस्तान की खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है बल्कि क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग की भावना को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत दो देशों के बीच साझा जल संसाधनों के प्रबंधन का एक ऐतिहासिक उदाहरण है, जिसे भारत के इस फैसले से नुकसान हुआ है।

भारत ने संधि को बनाया हथियार

अहमद आगे कहा कि, भारत संधि को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और इससे लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। राजदूत ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में हुई सिंधु जल संधि ने सिंधु बेसिन की छह नदियों सिंधु, झेलम, चिनाब, सतलुज, ब्यास और रावी का बंटवारा दोनों देशों के बीच किया था।

इस समझौते के तहत पश्चिमी नदियों पर पाकिस्तान और पूर्वी नदियों पर भारत का अधिकार तय किया गया था।उनका कहना है कि छह दशकों से अधिक समय से यह संधि दोनों देशों के बीच जल साझेदारी का आधार बनी रही है, इसलिए इसका एकतरफा निलंबन न तो कानूनी है और न ही नैतिक। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने भारत से संधि के सामान्य संचालन को बहाल करने की अपील की और कहा कि संधि का कोई भी प्रावधान किसी भी पक्ष को इसे निलंबित या संशोधित करने का अधिकार नहीं देता।

पहलगाम हमले के बाद लगाया था प्रतिबंध

इफ्तिखार अहमद ने उम्मीद जताई कि भारत पारस्परिक सम्मान, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के तहत संधि की बहाली के लिए कदम उठाएगा। भारत ने यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद लिया था, जिसके बाद उसने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए।

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