मुल्ला मुनीर की फौज का कत्लेआम! तीन घंटे में 280 लोगों को उतारा मौत के घाट, मौलाना साद गिरफ्तार

Pakistan Army Fire TLP Protest: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुरीदके शहर में TLP के प्रदर्शनकारियों पर फौज और पुलिस की कार्रवाई में तीन घंटे में 280 से अधिक लोग मारे गए और 1900 से ज्यादा घायल हुए।
मुल्ला मुनीर की फौज का कत्लेआम! तीन घंटे में 280 लोगों को उतारा मौत के घाट, मौलाना साद गिरफ्तार
पाकिस्तानी सेना ने मुरीदके में किया कत्लेआम (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan: दुनियाभर में शांति की वकालत करने वाले पाकिस्तान ने अपने ही देश के लोगों के कत्लेआम को अंजाम दिया। पाकिस्तान की फौज और पुलिस ने मिलकर सोमवार को एक बड़े नरसंहार को अंजाम दिया और सिर्फ तीन घंटे में 280 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस नरसंहार में 1900 से ज्यादा निहत्थे लोग गोली लगने से घायल हो गए।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस ने मिलकर यह गोलाबारी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखपुरा जिले में स्थित मुरीदके शहर में अंजाम दी। यहां तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के लोग लाहौर से निकलकर इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे थे। ये लोग अमेरिका और इज़रायल द्वारा किए गए गाजा समझौते का विरोध करने के लिए निकले थे।

पहले ग्रेनेड फेंके, फिर गोलीबारी

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस ने तड़के सुबह चार बजे इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे टीएलपी के हज़ारों कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पहले स्मोक ग्रेनेड फेंके और फिर सीधी गोलीबारी शुरू कर दी। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी सेना ने अपनी करतूतों के सबूत मिटाने के लिए टीएलपी के मंच को आग के हवाले कर दिया, जहां पहले से ही कई टीएलपी कार्यकर्ताओं की लाशें पड़ी थीं।

टीएलपी का यह भी दावा है कि पुलिस और रेंजर्स की गोलीबारी में उसके प्रमुख मौलाना साद हुसैन रिज़वी को भी गोली लगी है और गोली लगते ही वह मंच से गिर पड़े। इस दौरान वे लगातार पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस से गोलीबारी रोकने की अपील कर रहे थे।

गाजा शांति समझौते के खिलाफ टीएलपी

दरअसल, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने बीते शुक्रवार को गाजा शांति समझौते के विरोध में अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास तक प्रदर्शन करने के उद्देश्य से एक बड़ा मार्च शुरू किया था। इस मार्च को टीएलपी ने लब्बैक या अक्सा मार्च नाम दिया।

हजारों समर्थकों के साथ यह मार्च लाहौर से रवाना हुआ, लेकिन शुरुआत के दिन ही पुलिस और रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर दी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद, टीएलपी प्रमुख मौलाना साद हुसैन रिज़वी के नेतृत्व में मार्च जारी रहा और शनिवार रात को यह मुरीदके पहुंचा। मुरीदके में दो दिनों तक टीएलपी और पाकिस्तानी सरकार के बीच इस बात को लेकर बातचीत चलती रही कि मार्च को इस्लामाबाद तक आगे बढ़ने दिया जाए या नहीं।

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