लाहौर से कराची तक… मुनीर की नई चाल से भड़का PTI, पूरे पाकिस्तान में शक्ति प्रदर्शन
Imran Khan Asim Munir Tension: पाकिस्तानी सेना ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मानसिक रूप से बीमार बता कर नया विवाद खड़ा किया है। वहीं आतंकी संगठनों को बढ़ावा देने के आरोपों ने सत्ता का दोहरा...
- Written By: अमन उपाध्याय
इमरान खान और असीम मुनीर फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
Pakistan Politics Crisis: पाकिस्तान में सत्ता की लड़ाई एक बार फिर सेना और राजनीतिक नेतृत्व की टकराहट में बदल गई है। आर्मी चीफ जनरल आसीम मुनीर इन दिनों तीखे आरोपों के घेरे में हैं आरोप यह कि वे केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए फैसले ले रहे हैं, जनता की समस्याओं से उनका कोई लेना-देना नहीं।
राजनीतिक विश्लेषक इसे पाकिस्तान को अस्थिर करने वाली मुनीर की रणनीति भी बता रहे हैं। हालिया घटनाएं इस धारणा को और मजबूत करती हैं।
इमरान खान को ‘पागल’ बताने का दावा
सेना ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मानसिक रूप से बीमार हैं। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल शरीफ अहमद चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इमरान खान की सोच पाकिस्तान के लिए खतरा है और PTI सेना की छवि खराब कर रही है।
सम्बंधित ख़बरें
AI का खौफ! बांग्लादेश में महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं को डीपफेक से बनाया जा रहा निशाना, जानिए क्या है सच
समुद्री डाकुओं का आतंक, सोमालिया के पास तेल टैंकर हाईजैक; 1 भारतीय समेत 17 क्रू मेंबर बंधक
H-1B वीजा पर 3 साल की रोक? ट्रंप के सांसदों का नया दांव, भारतीय IT सेक्टर में मची खलबली!
माली में कोहराम! राजधानी के एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों पर भीषण आतंकी हमला, अल-कायदा और IS पर गहराया शक
यह बयान ऐसे समय आया है जब इमरान खान जेल में हैं, और उनके समर्थक लगातार उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार और पार्टी नेताओं पर पुलिस कार्रवाई पहले ही सरकार और सेना पर सवाल खड़े कर चुकी है।
सैन्य एक्शन का इतिहास पुराना
राजनीतिक हलकों में चर्चा यह भी है कि यह सब जनरल मुनीर के कथित PPP प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे तंज के रूप में पागल पूर्व प्रधानमंत्री प्रोजेक्ट कहा जा रहा है। आलोचक कहते हैं कि पाकिस्तान में नेताओं के खिलाफ सैन्य एक्शन का इतिहास पुराना है, और यह उसी परंपरा की अगली कड़ी है।
आतंकी संगठनों के प्रति नरमी?
इमरान खान को बिना आधार पागल बताने की कोशिश के बीच एक और खबर ने पाकिस्तान की राजनीति को झकझोर दिया है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की सत्ता लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के लिए नए लॉन्चपैड तैयार कर रही है।यानी एक तरफ जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री को मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा है और दूसरी ओर आतंकियों को रणनीतिक बढ़त दी जा रही है। यही दोहरा चरित्र पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटघरे में खड़ा कर रहा है।
सेना का बयान और उस पर उठते सवाल
ISPR के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा कि यदि भारत हमला करता और इमरान खान प्रधानमंत्री होते, तो वे शायद बातचीत की मांग करते। इस बयान को इमरान खान पर व्यक्तिगत हमला और सेना की सत्ता बनाए रखने का तरीका बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान अपने बेटों को सेना में भेजने की बजाय विदेश में रखते हैं, जबकि सेना देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दे रही है।
यह भी पढ़ें:- पाकिस्तान की राह पर बांग्लादेश! युनूस के दौर में 42% बढ़ा विदेशी कर्ज, अर्थव्यवस्था पर खतरे की घंटी
जनता की प्रतिक्रिया और सियासी हलचल
PTI कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर हैं और यह आरोप लगा रहे हैं कि सेना जनमत को दबा रही है। पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थिति, सेना की भूमिका और आतंकी संगठनों से उसके संबंध को लेकर बहस तेज हो गई है। कुल मिलाकर, इमरान खान और आसीम मुनीर की लड़ाई पाकिस्तान के भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।
