‘तेल की बढ़ती कीमतों से हम पैसा बना रहे हैं’, वैश्विक ऑयल संकट के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला बयान
Trump On Oil Crisis: जंग बीच ट्रंप ने तेल की ऊंची कीमतों को US के लिए फायदेमंद बताया है। वहीं, सप्लाई बाधित होने के डर से IEA ने कदम 40 करोड़ बैरल आपातकालीन तेल भंडार जारी करने का फैसला किया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
IEA Emergency Reserve Release: मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि तेल की कीमतें बढ़ने से अमेरिका ‘बहुत पैसा बना रहा है’।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर स्पष्ट किया कि चूंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है इसलिए बाजार में कीमतों का बढ़ना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता तेल के दाम नहीं बल्कि ‘खतरनाक शक्ति’ ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए खतरा है,।
इतिहास की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट का डर
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि ईरान के बढ़ते हमलों के कारण दुनिया को तेल की सप्लाई में इतिहास की सबसे बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाला कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात अब युद्ध से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने समुद्री व्यापारिक मार्गों को लगभग ठप कर दिया है।
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आईईए का ‘इमरजेंसी’ एक्शन
बाजार में आई इस भारी बाधा को दूर करने के लिए आईईए के 32 सदस्य देशों ने एक विशेष बैठक में अपने आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल द्वारा बुलाई गई इस बैठक में यह रणनीतिक निर्णय लिया गया। आईईए के इतिहास में यह छठा अवसर है जब इस तरह का समन्वित कदम उठाया गया है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में भी आपातकालीन भंडार का उपयोग किया गया था। भारत ने भी इस अंतरराष्ट्रीय कदम का स्वागत किया है।
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भंडारण की स्थिति और भविष्य की राहत
आईईए के पास कुल 1.2 अरब बैरल का आपातकालीन तेल भंडार है जबकि उद्योगों के पास 60 करोड़ बैरल का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है। ट्रंप ने ओहियो में गैस की कीमतों पर बात करते हुए भरोसा दिलाया कि कीमतें इतनी कम हो जाएंगी कि ‘कोई भी समझ नहीं पाएगा’। फिलहाल, यह 40 करोड़ बैरल तेल विभिन्न सदस्य देशों की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप एक निश्चित समय-सीमा के भीतर बाजार में उतारा जाएगा ताकि कीमतों को स्थिर किया जा सके।
