पाकिस्तान ने फिर अलापा जम्मू-कश्मीर राग, 77 साल पहले की घटना का पाक पीएम शहबाज शरीफ ने किया जिक्र
पाकिस्तान आए दिन जम्मू-कश्मीर को लेकर आए दिन कोई न कोई बयान देता रहता है। रविवार को पाकिस्तानी नेताओं ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का राग अलापा है। पाकिस्तान के उच्च पदों पर आसीन नेताओं ने कश्मीरियों के प्रति अपने राजनीतिक समर्थन की बात दोहराई।
- Written By: साक्षी सिंह
शहबाज शरीफ
इस्लामाबाद: पाकिस्तान आए दिन जम्मू-कश्मीर को लेकर आए दिन कोई न कोई बयान देता रहता है। रविवार को पाकिस्तानी नेताओं ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का राग अलापा है। पाकिस्तान के उच्च पदों पर आसीन नेताओं ने कश्मीरियों के प्रति अपने राजनीतिक समर्थन की बात दोहराई।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस अवसर पर अलग-अलग संदेश जारी किए। जिसे उन्होंने ‘कश्मीर काला दिवस’ करार दिया है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, जरदारी ने कश्मीरी लोगों के न्यायोचित मुद्दे के प्रति पाकिस्तान के अटूट नैतिक, कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन की बात दोहराई।
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प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने संदेश में कहा कि इसी दिन यानी 27 अक्टूबर को 77 साल पहले भारतीय सेना श्रीनगर में उतरी थी। तब से भारत ने कश्मीरी लोगों की अपनी नियति स्वयं तय करने की वैध आकांक्षाओं को दबा दिया है। भारत ने बार-बार कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख देश के अभिन्न अंग थे, हैं, और हमेशा रहेंगे।
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आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम का पाकिस्तानी चेक पोस्ट हमला, एक सैनिक की मौत
पेशावर: उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में फ्रंटियर कोर की एक चेक पोस्ट पर बीते दिन हमला हुआ। जिसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-इस्लाम ने ली है।
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हमला रविवार को अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर जिले की तिराह घाटी में एफसी चेक पोस्ट पर हुआ। लश्कर-ए-इस्लाम एक देवबंदी जिहादी आतंकवादी समूह है जो पाकिस्तान के खैबर जिले और अफगानिस्तान के पड़ोसी नांगरहार प्रांत में सक्रिय है।
