अनिल अंबानी से CBI की पूछताछ: SBI के 2929 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में जांच हुई तेज

Anil Ambani CBI: CBI ने 2929 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी से पूछताछ की है। यह मामला SBI की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा लोन फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है।
CBI Questions Anil Ambani Over Rs 2929 Crore SBI Bank Fraud Case Involving Reliance Communications
भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Investigation Into Major Bank Fraud Case: भारत के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के रडार पर आ गए हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह मामला मुख्य रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है जो रिलायंस कम्युनिकेशंस से संबंधित है। जांच एजेंसी इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या बैंक से लिए गए करोड़ों रुपये के कर्ज का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए हुआ है।

CBI का सख्त शिकंजा

CBI ने अनिल अंबानी को करीब 2929 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय में आज तलब किया है। यह पूरा मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस यानी आरकॉम द्वारा लिए गए भारी भरकम लोन के पैसे में कथित हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। जांच अधिकारियों के अनुसार बैंक से प्राप्त धन का सही उपयोग करने के बजाय उसे गलत तरीके से डायवर्ट करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

SBI की बड़ी शिकायत

यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की उस शिकायत पर आधारित है जो पिछले साल अगस्त महीने में जांच एजेंसी के पास औपचारिक रूप से दर्ज की गई थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने 2929.05 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है और बैंक के हितों को भारी नुकसान पहुंचाया है। CBI का प्राथमिक आरोप है कि कंपनी को मिले ऋण के पैसों को अवैध रूप से अन्य कार्यों में लगाकर नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है।

लंबी पूछताछ की प्रक्रिया

अनिल अंबानी 19 और 20 मार्च 2026 को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में पेश हुए हैं जहां जांच अधिकारियों द्वारा उनसे विस्तार से सवाल पूछे जा रहे हैं। उनके प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि अनिल अंबानी जांच प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और सभी आवश्यक जानकारी साझा करने के लिए तैयार हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI यह समझने की कोशिश कर रही है कि फंड डायवर्जन की योजना को किस प्रकार से अंजाम दिया गया था।

जय अनमोल भी रडार पर

जांच की आंच अब केवल अनिल अंबानी तक ही सीमित नहीं है बल्कि उनके बेटे जय अनमोल अंबानी से भी अन्य मामलों में पूछताछ की जा रही है। हाल ही में जय अनमोल से 228 करोड़ रुपये के एक अन्य बैंक धोखाधड़ी मामले में दूसरे दिन भी लंबी पूछताछ किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां रिलायंस समूह से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों की जड़ तक पहुंचने के लिए काफी सक्रिय हैं।

भविष्य की कड़ी कार्रवाई

CBI द्वारा दर्ज की गई इस नई प्राथमिकी के बाद आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे होने की प्रबल संभावना लगातार जताई जा रही है। जांच एजेंसी अब उन सभी दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है जिनका उपयोग लोन के पैसों को इधर-उधर करने में किया गया। यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस पूछताछ के बाद जांच एजेंसियां किसी बड़ी गिरफ्तारी या अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाती हैं।

पारदर्शिता की बढ़ती मांग

अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियों पर पहले भी कई बार वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं जिसकी वजह से वे जांच के घेरे में रहे हैं। फिलहाल इस 2929 करोड़ रुपये के मामले ने कॉर्पोरेट जगत और बैंकिंग सेक्टर में एक बार फिर से जवाबदेही और पारदर्शिता पर एक नई बहस छेड़ दी है। CBI मुख्यालय में हो रही इस पूछताछ का परिणाम रिलायंस कम्युनिकेशंस के भविष्य और अंबानी परिवार की कानूनी स्थिति पर बहुत गहरा प्रभाव डाल सकता है।

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