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ट्रम्प के शपथ ग्रहण से पहले उत्तर कोरिया ने दिखाई ताकत, किया हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण
उत्तर कोरिया ने एक नई मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) का सफल परीक्षण किया है, जो हाइपरसोनिक वारहेड से लैस है। इस परीक्षण को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की निगरानी में अंजाम दिया गया।
- Written By: अमन उपाध्याय

हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण, सांकेतिक तस्वीर ( सो. सोशल मीडिया )
सियोल: उत्तर कोरिया ने मंगलवार को एक नई मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) का सफल परीक्षण करने का दावा किया है। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, इस मिसाइल ने ध्वनि की गति से 12 गुना तेज़ी से लगभग 1,500 किलोमीटर की दूरी तय की है।
इसको लेकर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने कहा कि इस मिसाइल का मकसद देश की परमाणु सुरक्षा को और मजबूत बनाना है। उन्होंने दावा किया कि यह मिसाइल किसी भी रक्षा प्रणाली को भेद सकती है और दुश्मन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
प्रशांत क्षेत्र में रक्षा कवच का करेगी काम
केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा, “हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली प्रशांत क्षेत्र में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को मज़बूती से रोकेगी जो हमारे राज्य की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। यह प्रणाली किसी भी सघन रक्षात्मक अवरोध को प्रभावी ढंग से तोड़ते हुए प्रतिद्वंद्वी पर गंभीर सैन्य हमला कर सकती है।”
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केसीएनए ने बताया कि आईआरबीएम के ऊपर हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन 99.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने पहले शिखर पर पहुंचा और 42.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर दूसरे शिखर पर पहुंचा, जिसने 1,500 किलोमीटर की उड़ान पथ को सफलतापूर्वक पूरा किया और समुद्र में अपने निर्धारित लक्ष्य पर हमला किया।
ट्रम्प के शपथ ग्रहण से पहले बड़ा कदम
उत्तर कोरिया ने लगभग दो महीने बाद मिसाइल परीक्षण किया है। यह परीक्षण 20 जनवरी को अमेरिका में राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण से कुछ दिन पहले हुआ। इसे उत्तर कोरिया का एक बड़ा उकसावा माना जा रहा है।
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के दावे को नकारा
हालांकि, दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के दावे को “धोखा” बताते हुए खारिज कर दिया।
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के प्रवक्ता कर्नल ली सुंग-उन ने कहा कि दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के विश्लेषण के मुताबिक मिसाइल की उड़ान सीमा लगभग 1,100 किलोमीटर थी, लेकिन यह दूसरे शिखर तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया का अतिशयोक्ति करने का पुराना इतिहास रहा है।
अमेरिका को अपनी ताकत दिखाने के लिए दागी मिसाइल
दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर कोरिया का हालिया मिसाइल प्रक्षेपण शायद अमेरिका को अपनी ताकत दिखाने के लिए था। हालांकि, यह हथियार प्रणाली अभी पूरी तरह से विकसित नहीं लगती। इसके परीक्षण से पता चलता है कि इसे सैन्य तकनीक के मामले में अभी और सुधार की जरूरत है।
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उल्लेखनीय रूप से, उत्तर कोरिया ने सोमवार को पूर्वी सागर में एक हाइपरसोनिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि यह मिसाइल प्योंगयांग क्षेत्र से दागी गई और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) होने की संभावना है। मिसाइल का प्रक्षेपण कल दोपहर के आसपास हुआ।
मिली जानकारी के अनुसार, मिसाइल ने समुद्र में उतरने से पहले लगभग 1,100 किलोमीटर की दूरी तय की।
उत्तर कोरिया ने एक मध्यम दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया, जिसकी उड़ान सीमा सामान्य आईआरबीएम (3,000 से 5,500 किलोमीटर) से कम थी। हालांकि, जेसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि इस मिसाइल की विशेषताएं उत्तर कोरिया द्वारा पिछले साल जनवरी और अप्रैल में परीक्षण की गई हाइपरसोनिक मिसाइलों जैसी लगती हैं।
North korea showed its strength before trump swearing tested a hypersonic missile
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