कोरियाई सीमा पर युद्ध का अलार्म! उत्तर कोरिया ने मार गिराया दक्षिण कोरियाई ड्रोन, किम की धमकी से बढ़ा तनाव

Spy Drone Shot Down: उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर जासूसी का आरोप लगाते हुए एक ड्रोन मार गिराया है। प्योंगयांग ने इसे हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताते हुए सियोल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
War alarm on the Korean border! North Korea shoots down South Korean drone, tensions escalate due to Kim's threats.
उत्तर दक्षिण-दक्षिण कोरिया में बढ़ा तनाव, (डिजाइन फोटो)
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North Korea South Korea Tension: एशिया के दो धुर विरोधी देशों, उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। शनिवार, 10 जनवरी 2026 को उत्तर कोरिया ने घोषणा की कि उसने दक्षिण कोरिया के एक जासूसी ड्रोन को अपने इलाके में मार गिराया है। सरकारी समाचार एजेंसी KCNA (कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह ड्रोन जासूसी के मकसद से उत्तर कोरियाई हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ था।

केसोंग के पास हुई कार्रवाई

उत्तर कोरियाई सैन्य सूत्रों के अनुसार, जनवरी की शुरुआत में एक ड्रोन को दक्षिण कोरियाई सीमावर्ती काउंटी गैंगवा के ऊपर से उत्तर की ओर बढ़ते हुए ट्रैक किया गया था। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर कोरियाई सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस ड्रोन को सीमा के पास स्थित केसोंग शहर के पास मार गिराया। गैंगवा काउंटी दक्षिण कोरिया के उन इलाकों में से एक है जो उत्तर कोरियाई सीमा के सबसे करीब स्थित है।

ड्रोन से मिले जासूसी के सबूत

प्योंगयांग ने दावा किया है कि मार गिराए गए ड्रोन के मलबे का बारीकी से विश्लेषण किया गया है। जांच में पता चला है कि ड्रोन पर उन्नत निगरानी उपकरण (Surveillance Equipment) लगे थे। मलबे से मिले डेटा से यह खुलासा हुआ है कि ड्रोन ने उत्तर कोरिया के कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और सीमावर्ती क्षेत्रों की वीडियो फुटेज रिकॉर्ड की थी। उत्तर कोरिया ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला करार दिया है।

सियोल को 'भारी कीमत' चुकाने की चेतावनी

उत्तर कोरिया के सैन्य प्रवक्ता ने सियोल को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह घुसपैठ पिछले साल सितंबर में पाजू सीमा पर हुई घटना जैसी ही है। बयान में स्पष्ट किया गया कि यदि दक्षिण कोरिया इस तरह की 'भड़काऊ' हरकतों से बाज नहीं आया तो उसे इसकी 'भारी कीमत' चुकानी होगी।

दक्षिण कोरिया ने झाड़ा पल्ला

दूसरी तरफ, दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने एक बयान में कहा कि जिस ड्रोन मॉडल की बात उत्तर कोरिया कर रहा है, वह उनकी सेना द्वारा संचालित नहीं किया जाता है।

हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया पहले से ही 2024 के अंत में हुई कथित ड्रोन घुसपैठ की जांच कर रहा है, जिसका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किए जाने का संदेह है।

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