'युद्ध हम पर थोपा गया', ईरान के विदेश मंत्री की गुटेरेस से दो-टूक, कहा- आत्मरक्षा के लिए जाएंगे किसी भी हद तक

Iran UN Call: ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से फोन पर बात कर इजरायली-अमेरिकी 'युद्ध अपराधों' पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और अमेरिका को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।
'War was imposed on us', Iran's Foreign Minister bluntly told Guterres, saying - we will go to any lengths in self-defense
गुटेरेस और अराघची, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Iran War News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ फोन पर हुई एक उच्च स्तरीय बातचीत में स्पष्ट किया है कि ईरान अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि 'निर्णायक और जिम्मेदाराना' कार्रवाई की उम्मीद करता है।

नागरिक ठिकानों पर हमले का लगाया आरोप

विदेश मंत्री अराघची ने इस कॉल के दौरान अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे हमलों को 'युद्ध अपराध' करार दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि इन हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, रिहायशी इलाके और ऐतिहासिक स्मारकों जैसी सार्वजनिक जगहों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया है। ईरान के अनुसार, ये कार्रवाईयां अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन 'क्रूर' कृत्यों की स्पष्ट शब्दों में निंदा करने की अपील की है।

अमेरिका को सीधी सैन्य चेतावनी

ईरान ने इसे अपने ऊपर 'थोपा गया युद्ध' बताते हुए स्पष्ट किया कि वह आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा। अराघची ने एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई करता है तो ईरान क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सुविधाओं और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में युद्ध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी हमलावर देशों की होगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ईरानी सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है।

संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी पर उठाए सवाल

ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखना संयुक्त राष्ट्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की 'चुप्पी' या 'नाकाफी प्रतिक्रिया' इस क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव को और अधिक बढ़ा सकती है। ईरान को उम्मीद है कि महासचिव और सुरक्षा परिषद इस मामले में कड़ा रुख अपनाएंगे।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

जवाब में, यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्ष के फैलने और इसके मानवीय व सुरक्षा परिणामों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोहराया कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करना चाहिए और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए। गुटेरेस ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) पर विनाशकारी असर पड़ सकता है, जो पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा संकट होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com