‘पूरी दुनिया के लिए खतरा बना ईरान’, नेतन्याहू ने गिनाए बीते 48 घंटों के सबूत; बोले- अब दुनिया के जागने का समय
Israel Iran War: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को वैश्विक खतरा बताते हुए कहा कि पिछले 48 घंटों में नागरिक इलाकों, यरूशलम के पवित्र स्थलों पर हमले इसके पुख्ता प्रमाण हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Netanyahu Iran Threat Statement: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अराद हमले वाली जगह का निरीक्षण करने के बाद एक बड़ा बयान जारी किया है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अब केवल इजरायल के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है और पिछले 48 घंटों के घटनाक्रम ने इसे पूरी तरह साबित कर दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि अब इस ‘आतंकी और कट्टरपंथी शासन’ के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने का समय आ गया है।
48 घंटों के ‘खतरनाक’ सबूत
नेतन्याहू ने ईरान की आक्रामकता को साबित करने के लिए चार प्रमुख बिंदु रखे:
नागरिकों पर हमला: ईरान ने पिछले 48 घंटों में नागरिक इलाकों को ‘सामूहिक हत्या के हथियार’ की तरह निशाना बनाया। नेतन्याहू के अनुसार, सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई, लेकिन ईरान की मंशा नागरिकों के कत्लेआम की ही थी।
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धार्मिक स्थलों को निशाना: ईरान ने यरूशलम पर हमला किया और हमले की जगह तीन प्रमुख धर्मों के पवित्र स्थलों पश्चिमी दीवार (Western Wall), चर्च ऑफ द होली सेपुलक्र और अल-अक्सा मस्जिद के ठीक बगल में थी।
वैश्विक पहुंच और ICBM: ईरान ने 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) दागी है। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान की क्षमता अब यूरोप के गहरे इलाकों तक पहुंच गई है, जैसा कि साइप्रस पर हुए हमले से स्पष्ट है।
ऊर्जा मार्ग की नाकाबंदी: ईरान अंतरराष्ट्रीय और ऊर्जा समुद्री मार्गों को रोककर पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है।
इजरायल के दो सटीक लक्ष्य
बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल और अमेरिका इस खतरे से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने इजरायल के दो मुख्य लक्ष्यों को साझा किया:
परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम का खात्मा: ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह से तोड़ना और उनके घटकों के उत्पादन की क्षमता को खत्म करना।’
सत्ता परिवर्तन की स्थिति: ईरानी लोगों के लिए ऐसी स्थितियां बनाना कि वे इस “तानाशाही” को उखाड़ फेंक सकें, जिसने उनकी और पूरी दुनिया की जिंदगी दयनीय बना दी है।
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कार्रवाई की रणनीति
इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ईरान को कड़ी ताकत से जवाब दे रहे हैं, लेकिन उनका निशाना नागरिक नहीं बल्कि आईआरजीसी (IRGC), शासन के नेता, उनकी संस्थाएं और आर्थिक संपत्तियां हैं। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ट्रंप ठीक जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं और इजरायल-अमेरिका मिलकर पूरी गोपनीयता के साथ कदम उठा रहे हैं।
