ईरान जंग नेतन्याहू का 'रक्षा कवच'? समझिए कैसे यह युद्ध इजरायली पीएम के मुश्किलों का है ‘मास्टरस्ट्रोक’

Israel Iran War: ईरान के साथ युद्ध बेंजामिन नेतन्याहू के लिए केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं है बल्कि यह उनके भ्रष्टाचार के मुकदमों को टालने और राजनैतिक करियर को बचाने का एक जरिया भी बन सकता है।
The Iran War: Netanyahu's 'Protective Shield'? Understand how this conflict could put an end to the Israeli PM's major problems.
बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Netanyahu Political Crisis Iran War: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर है बल्कि यह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निजी और राजनैतिक भविष्य के लिए भी निर्णायक साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध ने नेतन्याहू को उन संकटों से निकलने का रास्ता दिया है जिनसे वे पिछले कई सालों से जूझ रहे थे।

अमेरिका को युद्ध में शामिल करना

नेतन्याहू लंबे समय से ईरान को इजरायल के लिए एक अस्तित्वगत खतरा बताते रहे हैं और उन्होंने बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसके खिलाफ चेतावनी दी है। उनकी एक बड़ी जीत यह रही है कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ खुले तौर पर सैन्य हमलों में शामिल करने में सफल रहे, जो पिछली कई इजरायली सरकारें नहीं कर पाई थीं।

भ्रष्टाचार के मुकदमों से राहत

नेतन्याहू 2019 से भ्रष्टाचार के तीन गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं और उन पर अपनी कानूनी कार्यवाही को टालने के लिए युद्ध का इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति हर्ज़ोग से खुद को माफ करने की अपील दोहराई है ताकि वे मुकदमों के बजाय पूरी तरह युद्ध पर ध्यान दे सकें।

न्यायपालिका पर नियंत्रण की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध की आड़ में नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी सहयोगियों ने न्यायपालिका की शक्तियों को कम करने वाले विवादित कानूनों को फिर से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, विपक्ष का आरोप है कि सरकार युद्ध को एक 'कवर' के रूप में इस्तेमाल कर अटॉर्नी जनरल की शक्तियों को सीमित करने और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

फलस्तीनी मुद्दे से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटाना

ईरान के साथ बड़े संघर्ष ने दुनिया का ध्यान गाजा की मानवीय स्थिति और वेस्ट बैंक में बढ़ती इजरायली हिंसा से भटका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जब से ईरान पर हमले शुरू हुए हैं, वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों द्वारा फलस्तीनियों की हत्याओं में इजाफा हुआ है लेकिन अब इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव काफी कम हो गया है।

चुनावी हार का डर और बढ़ती लोकप्रियता

युद्ध से पहले बेंजामिन नेतन्याहू की लोकप्रियता काफी गिर गई थी और उनके चुनाव हारने का खतरा बढ़ गया था। हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद एक हालिया सर्वे में उनकी नेतृत्व क्षमता पर जनता का भरोसा 60% से बढ़कर 62% हो गया है जिससे उनके समय से पहले चुनाव कराकर फिर से सत्ता हासिल करने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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