VIDEO: अमेरिका-ईरान जंग से दहला ग्लोबल मार्केट, ब्रेंट क्रूड $102 के पार, भारत में भी बढ़ेंगे पेट्रोल के दाम?
US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज होने से कच्चे तेल की कीमतों में 3% का उछाल आया है। जानें ब्रेंट क्रूड के $102 पार जाने का भारत पर क्या है असर।
- Written By: अमन उपाध्याय
US Iran Conflict Crude Oil Price Hike: विश्व राजनीति में एक बार फिर महायुद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। 8 मई की सुबह अमेरिका और ईरान के बीच सीधे सैन्य टकराव की खबरों ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। समंदर के बीचों-बीच हुई मिसाइल कार्रवाई और धमाकों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड का भाव अब $102.7 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
संघर्ष की वजह और वैश्विक तनाव अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान के ठिकानों पर की गई यह कार्यवाही आत्मरक्षा में की गई है, जबकि ईरान ने इसे सीधे तौर पर सीजफायर का उल्लंघन बताया है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी ने आग में घी डालने का काम किया है जिसमें उन्होंने तेहरान पर और बड़े धमाकों की बात कही है। निवेशकों को डर है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचा तो होर्मुज जैसा महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग बंद हो सकता है।
वहीं, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आए इस भारी तूफान के बावजूद भारत में आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
US Iran Conflict Crude Oil Price Hike: विश्व राजनीति में एक बार फिर महायुद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। 8 मई की सुबह अमेरिका और ईरान के बीच सीधे सैन्य टकराव की खबरों ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। समंदर के बीचों-बीच हुई मिसाइल कार्रवाई और धमाकों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड का भाव अब $102.7 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
संघर्ष की वजह और वैश्विक तनाव अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान के ठिकानों पर की गई यह कार्यवाही आत्मरक्षा में की गई है, जबकि ईरान ने इसे सीधे तौर पर सीजफायर का उल्लंघन बताया है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी ने आग में घी डालने का काम किया है जिसमें उन्होंने तेहरान पर और बड़े धमाकों की बात कही है। निवेशकों को डर है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचा तो होर्मुज जैसा महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग बंद हो सकता है।
वहीं, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आए इस भारी तूफान के बावजूद भारत में आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
