'खतरनाक दौर' में ईरान-इजरायल युद्ध, परमाणु स्थलों पर हमले से WHO चिंतित; मंडराया रेडिएशन का खतरा

Iran Israel War: WHO ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व का संघर्ष अब एक 'खतरनाक चरण' में प्रवेश कर चुका है। परमाणु केंद्रों के पास हो रहे हमले सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।
Iran-Israel War Enters 'Dangerous Phase'; WHO Concerned Over Attacks on Nuclear Sites—Radiation Threat Looms
ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर WHO चिंतित, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

WHO Warns Middle East War: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है जिससे पूरी दुनिया में दहशत फैल गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रविवार को एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि परमाणु स्थलों के आसपास बढ़ते हमलों के कारण मध्य पूर्व का यह संघर्ष अब एक 'खतरनाक चरण' में पहुंच गया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि इस तरह की सैन्य गतिविधियां न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं।

परमाणु केंद्रों के पास धमाके और जांच

संघर्ष के इस जोखिम भरे दौर में ईरान के नतांज संवर्धन परिसर और इजरायल के डिमोना शहर जहां प्रमुख परमाणु सुविधा स्थित है उसके आसपास हमलों की खबरें मिली हैं। इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) लगातार स्थिति की निगरानी और जांच कर रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक प्रभावित क्षेत्रों के बाहर असामान्य विकिरण  के स्तर की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

WHO की विशेष तैयारी और चेतावनी

परमाणु दुर्घटना की किसी भी आशंका से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। संगठन ने युद्ध शुरू होने के बाद से ही 13 देशों में अपने स्टाफ और संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को परमाणु घटना की स्थिति में स्वास्थ्य खतरों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया है। महानिदेशक टेड्रोस ने सभी पक्षों से अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी भी बड़ी परमाणु आपदा को टाला जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

इजरायल के बदले तेवर

एक ओर जहां शांति की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी ओर युद्ध की तीव्रता बढ़ती दिख रही है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने चेतावनी दी है कि आगामी सप्ताह में ईरान के खिलाफ हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं मिलकर ईरानी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाएंगी।

इस बीच, ईरान की राजधानी तेहरान में रातभर भारी हवाई हमलों और विस्फोटों की गूंज सुनाई देती रही। इसके अतिरिक्त, इराक की राजधानी बगदाद में भी एक ड्रोन हमले में खुफिया सेवा के एक अधिकारी की मौत की खबर है।

ट्रंप का 'सैन्य अभियान समेटने' का दावा

इस भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अलग रुख अपनाया है। ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को 'धीरे-धीरे कम' करने पर विचार कर रही है। उनका मानना है कि अमेरिका अपने मुख्य लक्ष्यों, जैसे ईरान की मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को नष्ट करना, के काफी करीब पहुंच चुका है। हालांकि, जमीन पर बढ़ती हिंसा और परमाणु केंद्रों को मिल रही धमकियां ट्रंप के इस दावे के विपरीत एक भयावह तस्वीर पेश कर रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com