ईरान की दादागिरी होगी खत्म! अब होर्मुज को बाईपास कर इजरायल बनाएगा नया रूट, जानें नेतन्याहू का मास्टर प्लान
Israel Pipeline Plan: इजरायली PM नेतन्याहू ने ईरान के चोक पॉइंट को बाईपास करने के लिए नए एनर्जी कॉरिडोर प्लान पेश किया है। अरब प्रायद्वीप से इजरायल तक पाइपलाइन बिछाकर तेल-गैस सप्लाई सुरक्षित की जाएगी।
- Written By: अमन उपाध्याय
नेतन्याहू की पाइपलाइन योजना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Netanyahu Hormuz Bypass Plan Israel: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को सुरक्षित करने के लिए एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश किया है। नेतन्याहू ने घोषणा की है कि दुनिया को तेल और गैस की आपूर्ति के लिए अब ईरान के नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। उनके नए प्लान के मुताबिक, तेल और गैस का प्रवाह अब इजरायल के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का एक नया अध्याय शुरू होगा।
अरब प्रायद्वीप से गुजरेगी नई पाइपलाइन
नेतन्याहू ने इस नए प्लान के तहत अरब प्रायद्वीप के पार इजरायली बंदरगाहों तक एक विशाल पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा है। यह पाइपलाइन अरब प्रायद्वीप से पश्चिम की ओर होते हुए इजरायल और फिर भूमध्यसागरीय बंदरगाहों तक जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और खाड़ी के अन्य जलमार्गों में मौजूद ‘चोक पॉइंट्स’ के खतरों को हमेशा के लिए समाप्त करना है। नेतन्याहू का मानना है कि इससे न केवल सप्लाई बाधित होने का डर खत्म होगा, बल्कि एक नई ग्लोबल सप्लाई चेन का निर्माण भी होगा।
ईरान के गैस क्षेत्र पर हमले के बाद आया बयान
यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब इजरायल ने हाल ही में ईरान के मुख्य गैस क्षेत्र, साउथ पार्स पर हमला किया है। इस हमले ने मिडिल ईस्ट में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है और वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि यह रणनीतिक बदलाव युद्ध खत्म होने के तुरंत बाद शुरू किया जा सकता है। उनका कहना है कि होर्मुज के विकल्प की आवश्यकता इसलिए है ताकि यदि ईरान भविष्य में रास्ता बंद करता है तो भी वैश्विक सप्लाई जारी रहे और इसका लाभ इजरायल को मिले।
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ट्रंप का दबाव और तेल की कीमतें
नेतन्याहू ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल से भविष्य में ऐसे हमले न करने का अनुरोध किया है। दरअसल, अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण ट्रंप पर भारी राजनीतिक दबाव है। इजरायली हमले के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जबकि एलएनजी की कीमत 3.25 डॉलर के ऊपर दर्ज की गई।
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ईरान की परमाणु क्षमता पर विवाद
प्लान पेश करने के साथ ही नेतन्याहू ने दावा किया कि 20 दिनों के भीषण युद्ध के बाद अब ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन या मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं बची है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने इस दावे से असहमति जताते हुए कहा है कि ईरान की परमाणु क्षमता का बड़ा हिस्सा अभी भी सुरक्षित है। नेतन्याहू ने ईरान में सरकार विरोधी विद्रोह की संभावनाओं और जमीनी कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं जिससे संकेत मिलता है कि यह संघर्ष अभी और लंबा खिंच सकता है।
