मतदान से पहले नेपाल में हलचल! PM कार्की ने अचानक लिया सेना की तैयारियों का जायजा, कह दी ये बात
Nepal Elections News: प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सेना मुख्यालय का निरीक्षण कर आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव से पूर्व सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त चुनाव...
- Written By: अमन उपाध्याय
PM सुशीला कार्की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Nepal Election Security Plan: नेपाल में अगले वर्ष 21 फरवरी को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सेना मुख्यालय का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। यह दौरा हालिया राजनीतिक संक्रमण और जेन-जी आंदोलन के बाद की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान नेपाली सेना ने प्रधानमंत्री को मौजूदा सुरक्षा स्थिति, संभावित जोखिमों और चुनाव के दौरान उत्पन्न हो सकने वाली चुनौतियों को विस्तार से बताया।
इन महत्वपूर्ण बातों पर जोर
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सेना की लामबंदी रणनीति प्रस्तुत की, जिसमें कमान संरचना, तैनाती क्षेत्र, समन्वय प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र जैसी महत्वपूर्ण बातों पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के बीच मजबूत तालमेल के साथ एक एकीकृत सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है, जिससे किसी भी असामाजिक गतिविधि या अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके।
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खून की एक भी बूंद नहीं गिरनी चाहिए
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सुरक्षा बलों की तैयारियों पर संतोष जताते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता शांति और स्थिरता बनाए रखना है। उन्होंने निर्देश दिया कि चुनाव देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित, स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए, जिसमें किसी भी प्रकार की हिंसा या डर का माहौल न हो। उन्होंने दोहराया कि आगामी चुनाव में खून की एक भी बूंद नहीं गिरनी चाहिए और कोई भी नागरिक घायल नहीं होना चाहिए।
परिस्थितियों के अनुसार रणनीति तैयार
उन्होंने सुरक्षा नेतृत्व से कहा कि एक ऐसी व्यापक और क्रियान्वयन योग्य सुरक्षा योजना बनाई जाए, जो न केवल मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे बल्कि राजनीतिक दलों को निर्बाध चुनाव प्रचार की अनुमति भी दे। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा एजेंसियां पिछले चुनावों के अनुभवों से सीखते हुए इस बार की संवेदनशील परिस्थितियों के अनुसार रणनीति तैयार करें।
इसके साथ ही उन्होंने जेन-जी आंदोलन के दौरान लूटे गए या खोए गए हथियारों की बरामदगी तेज करने और फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस की मदद करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इस निरीक्षण दौरे में गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल, कानून मंत्री अनिल कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव सुमन राज आर्यल, सेनाध्यक्ष अशोक राज सिगडेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह दौरा आगामी चुनावों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के सरकार के मजबूत संकल्प को प्रदर्शित करता है, ताकि जनता बिना किसी भय के लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर सके।
