सड़कों पर सन्नाटा, शराब पर पाबंदी… G-7 खत्म होते ही फ्रांस में मचा हड़कंप, आखिर क्यों उठाने पड़े ये कदम?
France Heatwave: फ्रांस में भीषण हीटवेव के कारण आपातकालीन स्थिति है। सरकार ने एक-तिहाई देश में रेड अलर्ट जारी कर सेना को तैनात किया है और सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक AI फोटो
France Heatwave Red Alert: यूरोप एक बार फिर प्रकृति के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है और इस बार इसका केंद्र फ्रांस बना हुआ है। हाल ही में संपन्न हुए G-7 शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद, पूरे देश में भीषण गर्मी ने दस्तक दी है, जिससे स्थितियां आपातकालीन स्तर पर पहुंच गई हैं। सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर देश के लगभग एक-तिहाई हिस्से में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है, जो मौसम की गंभीरता को दर्शाता है।
हाई अलर्ट पर फ्रांसीसी सेना
मौसम विभाग की भविष्यवाणियां डराने वाली हैं, जिसमें कई क्षेत्रों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। गर्मी के साथ-साथ जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए फ्रांसीसी सेना और सभी आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई बड़े आउटडोर खेल आयोजनों को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और सेवन पर भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि चिकित्सा टीमें अपना पूरा ध्यान केवल लू की चपेट में आए जरूरतमंद लोगों पर केंद्रित कर सकें।
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2003 की त्रासदी का डर
फ्रांस सरकार की सबसे बड़ी चिंता देश के बुजुर्गों और बेघर नागरिकों को लेकर है। यह डर अकारण नहीं है, क्योंकि फ्रांस आज भी 2003 की उस विनाशकारी हीटवेव को नहीं भूला है, जिसमें उचित इंतजाम न होने के कारण करीब 15 हजार बुजुर्गों की जान चली गई थी।
इसी इतिहास को दोहराने से रोकने के लिए इस बार नर्सिंग होम और संवेदनशील बस्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रविवार की तुलना में सोमवार और भी अधिक गर्म होने की संभावना है, इसलिए लोगों से दोपहर के समय घरों के भीतर रहने की अपील की जा रही है।
बुनियादी ढांचे पर दबाव
राजधानी पेरिस में एफिल टॉवर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लोगों को राहत देने के लिए पानी की फुहार वाले विशेष कूलिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। फ्रांस में एक बड़ी समस्या यह है कि यहां के अधिकांश घरों में एयर कंडीशनिंग (AC) की सुविधा नहीं है, जिससे बचाव के विकल्प सीमित हो जाते हैं।
वहीं, सरकार परमाणु बिजलीघरों के लिए पानी की उपलब्धता पर भी कड़ी नजर रख रही है ताकि बिजली आपूर्ति और कूलिंग प्रक्रिया बाधित न हो।
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परीक्षाओं पर असर गर्मी का असर
फ्रांस के प्रसिद्ध ‘म्यूजिक डे’ पर भी पड़ा है, जहाँ हर साल हजारों सांस्कृतिक कार्यक्रम और कॉन्सर्ट आयोजित होते हैं। इस बार आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे शराब का इस्तेमाल न करें ताकि एम्बुलेंस और मेडिकल सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव न बढ़े। स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि तापमान असहनीय होता है, तो वे दोपहर में होने वाली परीक्षाओं का समय बदल दें।
