नवभारत ग्लोबल एक्सीलेंस समिट 2025: शिक्षा और विज्ञान में तालमेल से जेनेटिक अध्ययन को मिलेगा अवसर

नवभारत ग्लोबल एक्सीलेंस समिट 2025 में KazNMU ने शिक्षा और विज्ञान के तालमेल पर जोर दिया। लैब दौरे और संयुक्त परियोजनाओं से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे।
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नवभारत ग्लोबल एक्सीलेंस समिट 2025 (सोर्स-navbharat.initiative)
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Navbharat Global Excellence Committee 2025: कजाकिस्तान के अल्माटी शहर में 24 नवंबर 2025 को “नवभारत ग्लोबल एक्सीलेंस समिट 2025” आयोजित हुआ। यह एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था, जिसका उद्देश्य बातचीत, सहयोग और सीमाओं के पार निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देना था। समिट का एक प्रमुख हिस्सा “कजाकिस्तान में निवेश के अवसर” विषय पर आयोजित एक घंटे का पैनल डिस्कशन था।

इस पैनल में डॉ. ए. टी. मुसाएव, डॉक्टर ऑफ मेडिकल साइंसेज, प्रोफेसर और असफेंडियारोव  कज़ाख नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी (KazNMU) के प्रमुख शोधकर्ता ने भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षा प्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच तालमेल की अहमियत पर बात की। इस विषय में विदेशी वैज्ञानिकों, निवेशकों और अल्माटी शहर के प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने गहरी रुचि दिखाई।

लैबोरेटरी दौरा और अनुसंधान परिचय

डॉ. हेमंत बी. अग्रवाल इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर “वैलेंटिना DNA” के प्रतिनिधियों के साथ एक टीम ने KazNMU की “शेयर्ड यूज सेंटर” वैज्ञानिक प्रयोगशाला का दौरा किया। यहाँ उन्नत बायोमेडिकल और जेनेटिक अनुसंधान किया जाता है। लैबोरेटरी की प्रमुख ए. श्री. ओराडोवा और टीम सदस्यों जेड. बी. टाइल्यूल्स तथा डी. बी. तुरारोवा ने उन्हें प्रयोगशाला के कार्यों और अनुसंधान प्रक्रियाओं से अवगत कराया।

संयुक्त वैज्ञानिक परियोजनाओं शुरू करने का प्रस्ताव

इस यात्रा के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त वैज्ञानिक परियोजनाएँ शुरू करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव में केवल कजाकिस्तान ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के मास्टर और पीएचडी छात्रों के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। चूंकि असफेंडियारोव KazNMU को आधिकारिक रूप से रिसर्च यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल चुका है, इसलिए यहाँ अनुसंधान कार्यों में छात्रों, रेजिडेंट्स और फैकल्टी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि रिसर्च, विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनी रहे।

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