रहस्यमयी ‘मृत सागर’: आखिर क्यों इस समंदर में कोई नहीं डूबता? नासा ने उजागर किए डेड सी के अनकहे राज
Dead Sea Facts: इजरायल और जॉर्डन की सीमा पर स्थित 'डेड सी' दुनिया का सबसे निचला बिंदु है। यहां का पानी इतना खारा है कि जीवन नामुमकिन है, लेकिन इसकी भौतिक और ऐतिहासिक विशेषताएं इसे बेहद खास बनाती हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
मृत सागर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Dead Sea Scrolls History: पृथ्वी पर कई ऐसी जगहें हैं जो वैज्ञानिकों और पर्यटकों को हैरान कर देती हैं, लेकिन डेड सी (मृत सागर) जैसा अनोखा जलाशय शायद ही कोई दूसरा हो। इजरायल और जॉर्डन की सीमा पर स्थित यह जलाशय समुद्र तल से लगभग 400 मीटर (1,300 फीट) नीचे है, जो इसे पृथ्वी की सतह पर सबसे निचला स्थान बनाता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने इस ‘मृत सागर’ की विशेषताओं और इसके इतिहास पर विस्तार से जानकारी साझा की है।
क्यों कहा जाता है इसे ‘मृत’ सागर?
इसका सबसे बड़ा रहस्य इसके नाम में ही छिपा है। नासा के अनुसार, डेड सी का पानी सामान्य समुद्र के पानी की तुलना में 8 से 10 गुना ज्यादा खारा है। नमक की इतनी अत्यधिक मात्रा के कारण यहां मछलियां, पौधे और अधिकांश जीव-जंतु जीवित नहीं रह सकते। यही कारण है कि इसे ‘डेड सी’ या ‘मृत सागर‘ का नाम दिया गया है।
बिना लाइफ जैकेट के तैरते हैं लोग
डेड सी की सबसे चर्चित खासियत यह है कि यहां कोई भी चीज डूबती नहीं है। अत्यधिक नमक के कारण पानी का घनत्व इतना बढ़ जाता है कि इंसान या कोई भी वस्तु सतह पर अपने आप तैरती रहती है। नासा के लैंडसैट सैटेलाइट्स द्वारा ली गई तस्वीरों से पता चलता है कि यहां का पानी गहरा नीला, चमकीला नीला और कभी-कभी हल्का गुलाबी नजर आता है।
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खतरे में अस्तित्व और औद्योगिक महत्व
गर्मियों के दौरान यहां का पानी बहुत तेजी से वाष्पित होता है, जिससे जल स्तर प्रतिदिन 2-3 सेंटीमीटर तक नीचे गिर जाता है। पिछले कुछ दशकों में इसके स्तर में भारी कमी देखी गई है। ऐतिहासिक रूप से, प्राचीन मिस्रवासी इसके नमक का उपयोग ममी को संरक्षित करने और पोटाश बनाने में करते थे। आज भी यहां से बड़े पैमाने पर सोडियम क्लोराइड और पोटेशियम सॉल्ट निकाला जाता है जिसका उपयोग पानी शुद्धिकरण और प्लास्टिक बनाने में होता है।
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धार्मिक और ऐतिहासिक खजाना
यह स्थान केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि धर्म और इतिहास के नजरिए से भी अनमोल है। साल 1947 से 1956 के बीच यहां के उत्तर-पूर्वी किनारे की गुफाओं में ‘डेड सी स्क्रॉल्स’ नामक प्राचीन पांडुलिपियां मिली थीं। इन 972 से ज्यादा टेक्स्ट्स में हिब्रू बाइबिल और अन्य यहूदी-ईसाई ग्रंथों के सबसे पुराने सुरक्षित हिस्से मौजूद हैं जिन्हें इतिहासकारों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
