लूला दा सिल्वा और प्रधानमंत्री मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Brazil Trade Target: भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों में शनिवार, 21 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा की 5 दिवसीय राजकीय यात्रा को न केवल व्यापार, बल्कि भविष्य की तकनीक और ‘ग्लोबल साउथ’ की एकजुटता के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक फोरकोर्ट में शनिवार सुबह राष्ट्रपति लूला का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी अगवानी की जहां उन्हें पारंपरिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई।
राष्ट्रपति लूला के साथ ब्राजील की 300 से अधिक दिग्गज कंपनियों के मालिकों, शीर्ष अधिकारियों और 14 मंत्रियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राजील के सबसे बड़े त्योहार ‘कार्निवल’ के दौरान इस विशाल प्रतिनिधिमंडल का भारत आना व्यापारिक संबंधों के प्रति उनकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
साल 2025 में दोनों देशों का व्यापार 15.2 बिलियन डॉलर रहा, जिसे 2030 तक 20 बिलियन डॉलर के पार ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। अपनी यात्रा के दौरान लूला ने दिल्ली में ब्राजील के पहले ‘ट्रेड ऑफिस’ का भी उद्घाटन किया।
द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति लूला ने ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने भारत के गणितीय इतिहास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि 2,000 साल पहले भारत के गणितज्ञों द्वारा दिया गया ‘बाइनरी सिस्टम’ ही आज की आधुनिक कंप्यूटिंग का आधार है इसलिए डिजिटल दुनिया आज अपने वतन लौटी है। उन्होंने एआई के वैश्विक शासन के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक समावेशी ढांचे की वकालत भी की।
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द्विपक्षीय चर्चा के मुख्य एजेंडे में चीन पर निर्भरता कम करने के लिए ब्राजील से क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति पर एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर शामिल हैं। इसके अलावा, रक्षा और विमानन के क्षेत्र में ब्राजीलियाई कंपनी एम्ब्रेयर और भारत के अडाणी व महिंद्रा समूह के बीच विमान निर्माण समझौतों की भी समीक्षा की जा रही है। कूटनीतिक मोर्चे पर भारतीयों के लिए 10 साल की ‘मल्टीपल एंट्री’ वीजा प्रणाली शुरू करने पर भी चर्चा संभव है।