म्यांमार में भूकंप की झड़ी! एक-दो नहीं… हफ्तेभर में कई बार कांपी धरती; 46% आबादी पर मंडराया खतरा
Myanmar Earthquake: म्यांमार में पिछले एक हफ्ते से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। शनिवार को आए 3.9 तीव्रता के भूकंप के बाद लोगों में भारी दहशत है।
- Written By: अमन उपाध्याय
म्यांमार भूकंप, एआई फोटो
Earthquake Latest News In Hindi: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में इन दिनों जमीन के भीतर मची हलचल ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले एक हफ्ते से म्यांमार में लगातार भूकंप के झटके आ रहे हैं, जिससे वहां की जनता भारी दहशत में है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शनिवार, 7 फरवरी 2026 को म्यांमार में एक बार फिर 3.9 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इस ताजा झटके ने लोगों के मन में डर को और गहरा कर दिया है।
हफ्तेभर से कांप रही है धरती
म्यांमार में शनिवार को आया भूकंप जमीन के 85 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। हालांकि इसकी तीव्रता बहुत अधिक नहीं थी लेकिन चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में आए भूकंपों की यह एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। शुक्रवार (6 फरवरी) को यहां 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था जबकि 3 फरवरी को 5.3 तीव्रता का भीषण झटका महसूस किया गया था।
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EQ of M: 3.9, On: 07/02/2026 03:01:45 IST, Lat: 24.76 N, Long: 94.74 E, Depth: 85 Km, Location: Myanmar.
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इससे पहले 2 फरवरी को भी 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे इन झटकों की वजह से लोग घरों में जाने से डर रहे हैं और हर छोटे झटके पर सुरक्षा के लिए बाहर भाग रहे हैं।
क्यों है म्यांमार में इतना खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, म्यांमार भौगोलिक रूप से एक बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यह देश 4 टेक्टॉनिक प्लेट् भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट्स के बीच फंसा हुआ है। यहां भूगर्भीय गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं।
इसके अलावा, म्यांमार से होकर 1400 किलोमीटर लंबी ‘सागिंग फॉल्ट’ गुजरती है जो भूकंप के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। सागिंग, मांडले, बागो और यंगून जैसे शहर सीधे तौर पर इस खतरे की जद में हैं जहां देश की 46 प्रतिशत आबादी निवास करती है।
भारत पर भी पड़ रहा है असर
म्यांमार में आ रहे इन भूकंपों का असर केवल वहीं तक सीमित नहीं है। म्यांमार की सीमा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से लगती है इसलिए वहां आने वाले तेज झटकों को भारत के पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के इलाकों में भी महसूस किया गया है। जानकारों का मानना है कि यदि भविष्य में यहां कोई बड़ा भूकंप आता है तो उसका असर भारतीय सीमावर्ती राज्यों में काफी गंभीर हो सकता है।
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क्या करें भूकंप आने की स्थिति में?
भूकंप के बढ़ते खतरों को देखते हुए विशेषज्ञों ने कुछ सुरक्षा उपाय साझा किए हैं। झटका महसूस होते ही ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन’ का पालन करें, यानी जमीन पर लेट जाएं और किसी मजबूत मेज के नीचे सिर ढक लें। खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें और यदि संभव हो तो गैस और बिजली की सप्लाई बंद कर दें।
