
अमेरिका के ओरेगन राज्य में आया भूकंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Earthquake in US: अमेरिका में एक बार फिर प्रकृति की ताकत देखने को मिली, जब गुरुवार की आधी रात को जोरदार भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया। यह भूकंप संयुक्त राज्य अमेरिका के ओरेगन राज्य के तट के पास समुद्र में आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई, जबकि इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर (6.21 मील) थी। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि आसपास के इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है।
नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के नेशनल सुनामी वार्निंग सेंटर ने स्पष्ट किया कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है और इसलिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। यह भूकंप ओरेगन और कैलिफोर्निया की सीमा के पास अपतटीय क्षेत्र में आया, जो पहले से ही भूकंपीय रूप से सक्रिय माना जाता है। यह इलाका कैस्केडिया सबडक्शन ज़ोन के करीब स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की आपसी टकराहट के कारण अक्सर भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस क्षेत्र में आने वाले अधिकांश भूकंप समुद्र के भीतर होते हैं और कई बार ज़मीन पर महसूस भी नहीं होते। हालांकि, जब तीव्रता अधिक होती है, तो इनके झटके प्रशांत उत्तर-पश्चिमी तट के बड़े हिस्से में महसूस किए जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर कई प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक यूजर ने लिखा कि ओरेगन तट पर लगभग 6.0 तीव्रता का भूकंप आया, लेकिन सुनामी का कोई खतरा नहीं है। वहीं, एक अन्य यूजर ने दावा किया कि यह भूकंप ब्लैंको फ्रैक्चर जोन में आया, जो कैस्केडिया सबडक्शन ज़ोन से अलग है।
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यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की वेबसाइट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार भी फिलहाल किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में 3.0 या उससे अधिक तीव्रता के आफ्टरशॉक्स आने की लगभग 84 प्रतिशत संभावना है। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने की अपील की है।






