ट्रंप का बड़ा अल्टीमेटम, जून तक खत्म करें रूस-यूक्रेन युद्ध; जेलेंस्की ने किया अमेरिका की ‘डेडलाइन’ का खुलासा
Russia Ukraine War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन को युद्ध समाप्त करने के लिए जून तक की समयसीमा दी है। जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर अमेरिका दबाव बढ़ाएगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russia Ukraine War Trump Deadline News Hindi: दुनिया के सबसे लंबे समय से चल रहे भीषण संघर्षों में से एक रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने की दिशा में एक सख्त कदम उठाते हुए ‘समयसीमा’ तय कर दी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जानकारी दी है कि ट्रंप प्रशासन इस युद्ध को अब और अधिक लंबा खिंचते हुए नहीं देखना चाहता।
ट्रंप का ‘फाइनल’ अल्टीमेटम
राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के लिए जून 2026 तक का समय दिया है। जेलेंस्की ने शनिवार, 7 फरवरी 2026 को इस बात का ऐलान किया कि अमेरिका ने दोनों देशों को एक ठोस समझौते पर पहुंचने के लिए आगामी जून तक की मोहलत दी है। यह घोषणा वैश्विक राजनीति में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है क्योंकि ट्रंप अपनी चुनाव प्रचार के दौरान भी इस युद्ध को 24 घंटे में खत्म करने का दावा करते रहे थे। अब उन्होंने एक औपचारिक डेडलाइन देकर इसे कूटनीतिक रूप दे दिया है।
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डेडलाइन न मानने पर ‘कड़ा दबाव’
राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, यदि जून की समयसीमा तक दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं तो ट्रंप प्रशासन दोनों पक्षों पर अपनी शर्तों को मानने के लिए भारी दबाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष प्रस्ताव दे रहा है कि पार्टियां इस गर्मी की शुरुआत तक युद्ध समाप्त करें और वे संभवतः इसी कार्यक्रम के अनुसार दबाव बनाएंगे।
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि अमेरिका ने अगले सप्ताह अपने देश में, संभवतः मियामी में त्रिपक्षीय वार्ता के अगले दौर के आयोजन का प्रस्ताव दिया है जिसमें यूक्रेन ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है।
12 ट्रिलियन डॉलर का ‘दिमित्रीव पैकेज’
इस कूटनीतिक हलचल के बीच एक बड़ा आर्थिक पहलू भी सामने आया है। रूस ने अमेरिका के सामने 12 ट्रिलियन डॉलर का एक आर्थिक प्रस्ताव पेश किया है जिसे जेलेंस्की ने रूसी दूत किरिल दिमित्रीव के नाम पर दिमित्रीव पैकेज करार दिया है। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय आर्थिक सौदे भी इस व्यापक बातचीत की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हालांकि, डोनबास जैसे विवादित क्षेत्रों को लेकर अभी भी गतिरोध बना हुआ है, जिसे रूस अपने नियंत्रण में चाहता है और यूक्रेन इसे छोड़ने को तैयार नहीं है।
ऊर्जा संकट और परमाणु संयंत्रों पर खतरा
शांति वार्ता की खबरों के बीच जमीन पर युद्ध की विभीषिका कम नहीं हुई है। शनिवार को रूसी हमलों के कारण यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को अपनी उत्पादन क्षमता घटाने पर मजबूर होना पड़ा। जेलेंस्की ने बताया कि शनिवार रात रूस ने 400 से अधिक ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागीं। इन हमलों ने ऊर्जा ग्रिड और वितरण नेटवर्क को निशाना बनाया जिससे पूरे देश में बिजली संकट गहरा गया है।
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शांति की राह में चुनौतियां
इससे पहले अबू धाबी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में कोई बड़ी सफलता नहीं मिल सकी थी क्योंकि दोनों पक्ष अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अमेरिका ने डोनबास क्षेत्र को ‘मुक्त आर्थिक क्षेत्र’ में बदलने का प्रस्ताव भी दिया है लेकिन जेलेंस्की ने इस पर संदेह जताया है। इसके अलावा, ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव भी चर्चा में है जिसे यूक्रेन मानने को तैयार है यदि रूस भी इसकी प्रतिबद्धता जताए।
