पाकिस्तान ने फिर की दगाबाजी, ईरान में तख्तापलट के लिए दे रहा मोसाद का साथ, खुलासे से हड़कंप

Israel Iran Tension: इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद, अमेरिकी समर्थन से ईरान में सत्ता परिवर्तन की साजिश रच रही है और हथियारों की तस्करी के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रही है।
पाकिस्तान ने फिर की दगाबाजी, ईरान में तख्तापलट के लिए दे रहा मोसाद का साथ, खुलासे से हड़कंप
ईरान में तख्तापलट करना चाहता है इजराइल (फोटो- सोशल मीडिया)
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Iran Coup Plot in Mossad: ईरान में बहुत जल्द सत्ता परिवर्तन हो सकता है। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद सक्रिय हो गई है, और उसे ईरान में तख्तापलट करवाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी ग्रीन सिग्नल मिल गया है। मोसाद ईरान में गैरकानूनी तरीके से ईरान में हथियार भेज रहा है। इसके लिए वो पाकिस्तान का सहारा ले रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में शांति कायम करना है तो इसके लिए खामेनेई को सत्ता से हटाना जरूरी है। पिछले दिनों इजराइली रक्षा मंत्री ने अमेरिका का दौरा किया था। यहां उनके प्लान पर अमेरिकी ने ही अपनी सहमति दे दी। प्लान के तहत खामेनेई को सत्ता से हटाया जाएगा या फिर उनकी हत्या की जाएगी।

पाकिस्तान के रास्ते भेजा जा रहा हथियार

मोसाद की सबसे बड़ी खासियत है कि, वो ईरान में हथियार भेजने के लिए पाकिस्तान का सहारा ले रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब हाल ही में ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में खुफिया एजेंसियों ने हथियारों की एक बड़ी खेप जब्त की है। ईरान के खुफिया मंत्रालय का कहना है कि इन हथियारों की तस्करी का मकसद देश में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना और सरकार को अस्थिर करना है।

ईरानी मंत्रालय ने बताकि जब्त की गई खेप में ज्यादातर हथियार अमेरिकी हैं। अल मायादीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन हथियारों की तस्करी के पीछे इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़े समूहों का हाथ है। इनका मकसद ईरान के अंदरूनी हालात को बिगाड़ना और सरकार के खिलाफ माहौल बनाना है, ताकि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को हटाया जा सके। सिर्फ अगस्त महीने में ही सिस्तान और बलूचिस्तान में तीन अलग-अलग छापेमारी की गई, जिसमें कुल 210 से अधिक सैन्य हथियार बरामद हुए।

IRGC ने दी कार्रवाई की चेतावनी

वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने हथियारों की तस्करी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि वे किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की सुरक्षा या क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को निर्णायक और दर्दनाक जवाब दिया जाएगा, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।

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