ईरान ने गद्दारी वाले परमाणु वैज्ञानिक को फांसी पर लटकाया, इजराइली जासूस होने का था आरोप

Iran Israel News: ईरान ने परमाणु वैज्ञानिक रूजवेह वादी को फांसी दी, आरोप था कि उन्होंने मोसाद को अपने दोस्त और देश के वैज्ञानिकों की जानकारी दी, जिससे इजराइल ने ईरान के अन्य वैज्ञानिकों पर हमले किए।
ईरान ने गद्दारी वाले परमाणु वैज्ञानिक को फांसी पर लटकाया, इजराइली जासूस होने का था आरोप
ईरान में परमाणु वैज्ञानिक को मौत की सजा (फोटो- सोशल मीडिया)
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Iran Nuclear Scientist Roozbeh Vadi Executes: ईरान ने आज अपने ही एक परमाणु वैज्ञानिक रूजवेह वादी फांसी पर लटका दिया। वादी पर जून में इजराइल के साथ हुए जंग के दौरान देश के खिलाफ जासूसी करने का आरोप था। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि वादी को फांसी की सजा सर्वोच्च न्यायपालिका के आदेश पर दी गई है।

ईरान की सर्वोच्च न्यायपालिका के अनुसार, वादी ने अपने दोस्त और देश के एक परमाणु वैज्ञानिक के बारे में मोसाद को जानकारी प्रदान की थी। इस जानकारी के आधार पर मोसाद ने बाद में ईरान के अन्य परमाणु वैज्ञानिकों पर हमला कर उन्हें मार डाला।

मोसाद एजेंट के संपर्क में थे वादी

जानकारी के मुताबिक, रूजवेह को फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती आरोप यह था कि उन्होंने ईरान के परमाणु केंद्रों की जानकारी इजराइल के साथ साझा की। इसके अलावा उनपर कम से कम पांच बार मोसाद के एजेंट से मिलने का आरोप था। ईरान ह्यूमन राइट्स ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले वादी तेहरान के परमाणु ऊर्जा संगठन में एक परमाणु विशेषज्ञ के रूप में काम कर रहे थे। गिरफ्तार होने के बाद उन्हें ईरान के सबसे कुख्यात एविन जेल में रखा गया। ईरान की सर्वोच्च न्यायपालिका का कहना है कि वादी की भर्ती मोसाद ने ऑनलाइन माध्यम से की थी। वादी मोसाद के जाल में फंस गए और सभी गोपनीय जानकारी उन्हें दे दी।

ईरान में इजराइल के जासूस सक्रिय

गौरतलब है कि इजराइल ने हाल ही में दावा किया था कि, उसके जासूस कई सालों के ईरान के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय है और मोसाद की इन्ही जानकारियों के आधार पर इजराइल ने जंग के दौरान ईरान के 12 परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या की को अंजाम दिया था।

कौन थे रूजवेह वादी?

रूजवेह वादी को ईरान के सबसे काबिल परमाणु वैज्ञानिकों में से एक थे। वादी ने अपनी शुरूआती पढ़ाई जांजन विश्वविद्यालय से पूरी की। इसके बाद 2010 में उन्होंने अमीर कबीर विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जहां उन्होंने परमाणु विज्ञान से संबंधित विषयों का अध्ययन किया। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर शोध करना शुरू किया। उन्होंने ईरान के खोदरो समूह, तेहरान पॉलेटेक्निक और राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा केंद्र में शोधकर्ता के रूप में कार्य किया। वादी के परमाणु कार्यक्रम पर 10 से अधिक शोध मॉडल प्रकाशित हो चुके हैं।

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