मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Where is Mojtaba Khamenei: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया में अटकलों का बाजार गर्म है। मोजतबा को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बने तीन दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन वे अब तक न तो सार्वजनिक रूप से देखे गए हैं और न ही उन्होंने कोई बयान जारी किया है। इजरायली खुफिया एजेंसियों की हालिया रिपोर्ट ने इन अटकलों को और हवा दे दी है जिसमें दावा किया गया है कि मोजतबा हमलों में जख्मी हो गए हैं।
इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रॉयटर्स के हवाले से बताया कि इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि मोजतबा खामेनेई ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के पहले ही दिन घायल हो गए थे। यही कारण है कि वे अब तक अपनी जनता के सामने नहीं आए हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी तीन ईरानी और दो इजरायली अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की है कि मोजतबा हमलों की चपेट में आए थे।
ईरान के सरकारी मीडिया और टीवी चैनलों की रिपोर्ट्स मोजतबा की शारीरिक स्थिति पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कह रही हैं, लेकिन उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे शब्द काफी संकेत दे रहे हैं। सरकारी टीवी एंकर्स मोजतबा खामेनेई को ‘रमजान का जांबाज’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। फारसी और ईरानी संदर्भ में ‘जांबाज’ का अर्थ उस व्यक्ति से होता है जो जंग में घायल हुआ हो। हालांकि, उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है जिससे रहस्य और गहरा गया है।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बेटे यूसुफ पेजेश्कियान ने टेलीग्राम ऐप पर एक पोस्ट साझा की जिसने इस चर्चा को और बढ़ा दिया। यूसुफ ने लिखा कि उन्होंने मोजतबा के घायल होने की खबर सुनी थी, लेकिन जब उन्होंने अपने संपर्कों से पूछा, तो उन्हें बताया गया कि वे ठीक हैं। हालांकि, मोजतबा के कार्यालय से अभी तक कोई लिखित या वीडियो संदेश जारी नहीं किया गया है, जो कि उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की कार्यशैली के बिल्कुल विपरीत है।
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56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं। गौरतलब है कि अली खामेनेई और उनकी पत्नी 28 फरवरी को इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने मोजतबा को नए नेता के रूप में चुनने के लिए मजबूर किया क्योंकि वे अपने पिता की कट्टर नीतियों के समर्थक माने जाते हैं। अब उनकी अनुपस्थिति में ईरान की सत्ता के शीर्ष पर एक बड़ा शून्य दिखाई दे रहा है जो युद्ध की स्थिति में खतरनाक साबित हो सकता है।