ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारतीय छात्रों की वतन वापसी शुरू, गुरुवार को निकलेगा पहला जत्था; जानें क्या है प्लान

Indian Students Evacuation Iran: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों को निकालने का काम शुरू हो गया है। गुरुवार को आर्मेनिया के रास्ते पहला जत्था रवाना होगा।
Amid the Iran-Israel war, Indian students begin returning home; first batch to depart on Thursday; learn about the plan
ईरान से भारतीय छात्रों की निकासी, एआई तस्वीर
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Indian Students in Iran: पश्चिम एशियाई देश ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद उपजे युद्ध के हालातों के बीच वहां फंसे सैकड़ों भारतीय छात्रों के लिए राहत की खबर आई है। युद्ध के तेरहवें दिन भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों ने छात्रों को सुरक्षित निकालने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय छात्रों का पहला जत्था गुरुवार को ईरान से आर्मेनिया के रास्ते रवाना होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

निकासी के लिए तैयार किए गए दो प्रमुख मार्ग

ईरान में भारतीय दूतावास और स्थानीय विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षित निकासी के लिए दो मुख्य जमीनी मार्गों का विकल्प दिया है। तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (TUMS), ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (IUMS), और शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (SBUMS) में पढ़ रहे छात्रों को आर्मेनिया या अज़रबैजान के रास्ते बाहर निकलने का सुझाव दिया गया है। इन मार्गों पर छात्रों को सुरक्षित सीमा तक पहुंचाने के लिए स्थानीय अधिकारियों और छात्र समूहों के बीच समन्वय किया जा रहा है।

हवाई मार्ग और विशेष उड़ानों का विकल्प

जमीनी रास्तों के अलावा, बड़ी संख्या में छात्रों ने हवाई मार्ग से भारत लौटने को प्राथमिकता दी है। कई छात्रों ने 15 मार्च और 16 मार्च के लिए 'फ़्लाईदुबई' की उड़ानें बुक की हैं ताकि वे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के माध्यम से सीधे भारत पहुंच सकें। विशेष रूप से शिराज यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के 86 मेडिकल छात्रों के लिए एक अलग रूट तैयार किया गया है जिसके तहत वे शिराज-क़ोम-बाकू एयरपोर्ट के रास्ते अज़रबैजान जा सकते हैं और वहां से भारत की उड़ान ले सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर के छात्रों में बढ़ती चिंता

ईरान में फंसे अधिकांश छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उनमें से बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष मोहम्मद मोमिन खान ने बताया कि उन्हें इस्फ़हान, केरमान और गोलेस्तान यूनिवर्सिटी से छात्रों के लगातार परेशानी भरे कॉल आ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अब ईरान का कोई भी हिस्सा सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है और वे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकलना चाहते हैं।

राजनयिक और राजनीतिक प्रयास

इस निकासी अभियान को सफल बनाने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और छात्रों की चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। भारत में छात्रों के परिवार भी उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर काफी चिंतित हैं और लगातार सरकार के संपर्क में हैं। आने वाले दिनों में और भी कई बैचों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना है ताकि सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।

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