
इंडोनेशिया के सेंट्रल जावा में भूस्खल (सोर्स - सोशल मीडिया)
Landslide in central java Indonesia: इंडोनेशिया एक ऐसा देश है जहां प्राकृतिक आपदाएं अक्सर आती रहती हैं और गुरुवार रात को सेंट्रल जावा प्रांत में भी एक ऐसी ही दुखद घटना हुई। भारी और लगातार बारिश के चलते इस इलाके में भयानक भूस्खलन हुआ, जिसने कई रिहायशी क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कई लोगों के हताहत होने की खबर है और 21 लोग अभी भी लापता हैं, जिससे बचाव दल की चिंता बढ़ गई है।
इंडोनेशिया के मध्य जावा प्रांत की सिलाकैप रीजेंसी में गुरुवार रात को प्रकृति का कहर देखने को मिला। भारी बारिश के कारण सिब्यूनयिंग गांव की सिबुयुत और तारुकाहान बस्तियों में भूस्खलन हुआ। इस आपदा ने घरों और लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण एजेंसी (Disaster Management and Mitigation Agency) की इमरजेंसी यूनिट के प्रमुख मोहम्मद चोमसुल ने शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह भूस्खलन सीधे रिहायशी इलाकों में हुआ, जिसके चलते लोगों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा।
इस दुखद हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं तीन अन्य व्यक्ति घायल हुए हैं, जिन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस भूस्खलन के बाद 21 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जो मलबे में दबे हो सकते हैं या कहीं और फंसे हो सकते हैं।
मोहम्मद चोमसुल ने बताया कि लापता लोगों को ढूँढने के लिए तुरंत बड़े पैमाने पर तलाश और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इस अभियान में स्थानीय आपदा एजेंसी, खोज और बचाव कार्यालय (SAR), सेना, अन्य सरकारी संस्थान और स्वयंसेवकों की टीमें मिलकर काम कर रही हैं। लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजने के प्रयास में बचाव कार्य को तेज़ी देने के लिए घटनास्थल पर भारी मशीनरी भी तैनात की गई है।
भूस्खलन की इस घटना से कुछ ही दिन पहले, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से एक और बड़ी खबर आई थी। पिछले हफ्ते शुक्रवार को, जुमे की नमाज के दौरान एक मस्जिद में धमाके की घटना सामने आई थी। यह मस्जिद उत्तरी जकार्ता में नौसेना परिसर के भीतर एक स्कूल के अंदर स्थित थी।
पुलिस प्रमुख असेप एडी सुहेरी के हवाले से बताया गया कि इस विस्फोट में 54 लोग घायल हुए थे। धमाके के बाद मस्जिद के कमरे में धुआं भर गया, जिससे घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया था। शुरुआती तौर पर इसे आतंकवादी हमले की आशंका माना गया था।
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सिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच में यह अनुमान लगाया गया था कि यह विस्फोट शॉर्ट सर्किट या किसी खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के कारण हुआ होगा, न कि किसी बाहरी हमले के कारण। विस्फोट के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी और बचाव टीमें मौके पर मौजूद थीं। स्थानीय मीडिया में साझा की गई तस्वीरों से मस्जिद के ढांचे को हल्के-फुल्के नुकसान का पता चला था। हालाकि, जिस कमरे में विस्फोट हुआ था, उसे आगे की विस्तृत जांच के लिए सीलबंद कर दिया गया है।






