

Khawaja Asif Warns Afghanistan: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को कहा कि उनका मानना है कि अफगानिस्तान शांति चाहता है, लेकिन अगर इस्तांबुल में हो रही बातचीत में कोई समझौता नहीं होता है, तो इसका मतलब होगा खुली जंग। यह बयान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बॉर्डर पर हुई हाल की झड़पों के बाद दिया गया है।
यह बातचीत इस्तांबुल में शनिवार से शुरू होकर रविवार तक चलेगी। यह पाकिस्तान और अफगानिस्तान की कोशिश है कि 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से हुई सबसे बड़ी लड़ाई के बाद बॉर्डर पर हिंसा फिर से न बढ़े। दोनों देश अब सीजफायर को लंबे समय तक लागू करने के तरीके पर बातचीत कर रहे हैं।
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सीजफायर के बाद से चार से पांच दिन तक कोई हिंसा नहीं हुई है और दोनों देश शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, अगर समझौता नहीं होता है, तो हम उनके साथ खुली जंग लड़ सकते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि वे शांति चाहते हैं।
इस महीने की शुरुआत में झड़पें तब शुरू हुईं, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से मिलने वाले आतंकवादियों के बारे में शिकायत की, जो पाकिस्तान पर हमले कर रहे थे। पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक की और दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई, जिसमें कई लोग मारे गए और बॉर्डर के जरूरी रास्ते बंद कर दिए गए।
पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान अफगानिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादियों को शरण दे रहा है, लेकिन तालिबान इसका खंडन करता है और कहता है कि पाकिस्तान का सैन्य ऑपरेशन अफगानिस्तान की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव इस महीने सीमा पर हुई खूनी झड़पों से बढ़ गया। 12 अक्टूबर को पाकिस्तानी सेना ने अफगान बॉर्डर पर एयरस्ट्राइक्स की, जिसमें तालिबान के कई लड़ाके मारे गए। जवाब में तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसमें 60 सैनिक मारे गए।
पाकिस्तान आरोप लगाता है कि तालिबान, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को शरण दे रहा है, जबकि तालिबान इन आरोपों को नकारता है और कहता है कि पाकिस्तान के सैन्य ऑपरेशन अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन हैं। दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं।