अफगानिस्तान में बड़ा हवाई हमला, कंधार में एयरलाइन का फ्यूल डिपो तबाह; तालिबान ने PAK पर लगाया गंभीर आरोप

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव युद्ध में बदल गया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने कंधार में 'काम एयर' के ईंधन डिपो पर बमबारी की है।
Major Airstrike in Afghanistan: Airline Fuel Depot Destroyed in Kandahar; Taliban Levels Serious Allegation Against Pakistan
कंधार हवाई अड्डा ईंधन डिपो पर बमबारी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Kandahar Airport Fuel Depot Bombing: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी देशों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद अब एक 'खुली जंग' का रूप ले चुका है। ताजा घटनाक्रम में, अफगान तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) ने कंधार एयरपोर्ट के पास स्थित एक निजी एयरलाइन के ईंधन डिपो को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है और दोनों देशों की सेनाएं डूरंड लाइन पर आमने-सामने हैं।

कंधार एयरपोर्ट और काम एयर पर हमला

तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कंधार एयरपोर्ट के पास स्थित 'काम एयर' के ईंधन भंडार को बम से उड़ा दिया। मुजाहिद के अनुसार, यह डिपो न केवल घरेलू उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि यहां से संयुक्त राष्ट्र (UN) के विमानों को भी ईंधन की आपूर्ति की जाती थी। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता कार्यों और घरेलू हवाई यातायात पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान जानबूझकर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है।

डूरंड लाइन पर गोलाबारी और नागरिक हताहत

संघर्ष केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं है। डूरंड लाइन के पास खोस्त प्रांत के अलीशेर-तेरेजाई इलाके में पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भारी गोलाबारी की खबरें हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी तोपों से दागे गए गोलों की चपेट में आने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इससे पहले 27 फरवरी को भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों पर एयरस्ट्राइक की थी, जिससे साफ है कि यह संघर्ष अब व्यापक होता जा रहा है।

पाकिस्तान का 'खुली जंग' का ऐलान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इन सैन्य कार्रवाइयों को जायज ठहराते हुए इसे 'खुली जंग' करार दिया है। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान सरकार अपनी जमीन पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे वैश्विक आतंकी समूहों को शरण दे रही है। पाकिस्तान का कहना है कि खैबर पख्तुनख्वा और बलूचिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के तार अफगानिस्तान से जुड़े हैं। हालांकि, अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि 26 फरवरी को डूरंड लाइन पर हुए जवाबी एक्शन में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।

ऐतिहासिक विवाद और गहराता संकट

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों में खटास 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से और बढ़ गई है। डूरंड लाइन को लेकर पुराना सीमा विवाद और टीटीपी की सक्रियता इस आग में घी का काम कर रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह 'खुली जंग' पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकती है।

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