G-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने फ्रांस पहुंचे एस जयशंकर, यूक्रेन युद्ध से लेकर इन मुद्दों पर चर्चा
Jaishankar G7 Summit: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय फ्रांस यात्रा पर हैं जहां वे जी-7 आउटरीच पहल के तहत यूक्रेन पुनर्निर्माण, समुद्री सुरक्षा और ग्लोबल गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
एस जयशंकर और जीन नोएल बैरोट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Jaishankar France Visit: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर अपनी दो दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा पर फ्रांस पहुंच गए हैं। यहां वे साझेदार देशों के साथ आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। फ्रांस के अब्बे डेस वॉक्स-डी-सेर्ने पहुंचने पर विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक भी संपन्न हुई।
जी-7 की बड़ी आउटरीच पहल
यह बैठक जी-7 समूह की एक विस्तृत आउटरीच पहल का हिस्सा है, जिसमें भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ब्राजील और यूक्रेन जैसे गैर-जी-7 देशों को भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आने वाले जी-7 लीडर्स समिट के लिए आधार तैयार करना और वर्तमान वैश्विक संकटों पर चर्चा करना है।
यूक्रेन और समुद्री सुरक्षा मुख्य एजेंडे में
बैठक के दौरान कई संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है:
सम्बंधित ख़बरें
ट्रंप की चीन यात्रा से पहले ड्रैगन की दो टूक, ताइवान समेत इन 4 मुद्दों पर बातचीत से किया साफ इनकार
CM विजय ने 24 घंटे में ज्योतिषी की OSD पद से की छुट्टी, सहयोगियों के विरोध के आगे झुकी सरकार?
Hantavirus का बढ़ता खतरा! मरीजों की संख्या हुई 11, WHO की सख्त सलाह- 42 दिन क्वारंटाइन है जरूरी, बढ़ी चिंता
Chinese Spy Mayor: अमेरिका में चीनी जासूस मेयर एलीन वांग ने कबूला अपना गुनाह, हो सकती है 10 साल की सजा
यूक्रेन युद्ध और पुनर्निर्माण: चर्चा का एक बड़ा हिस्सा यूक्रेन युद्ध और उसके पुनर्निर्माण पर केंद्रित होगा।, इसमें विशेष रूप से परमाणु सुरक्षा मानवीय आधार पर बारूदी सुरंगों को हटाने और पुनर्निर्माण के लिए फंडिंग सिस्टम पर ठोस नतीजे निकालने की कोशिश की जाएगी।
समुद्री सुरक्षा: इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा भी चर्चा का एक अहम विषय रहेगा। वैश्विक व्यापार के लिए जरूरी समुद्री मार्गों की सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता को बनाए रखना, और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को अधिक लचीला और सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस संबंध में अलग-अलग सत्र आयोजित कर संभावित खतरों और उनके समाधान पर रणनीति बनाई जाएगी।
ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार: बैठक में वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने पर भी विचार किया जाएगा। जी-7 देश मिलकर मल्टीलेटरल सिस्टम को मजबूत करने और बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुसार गवर्नेंस ढांचे में सुधार करने की दिशा में काम करेंगे, ताकि नए और उभरते खतरों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके।
यह भी पढ़ें:- खंडहर बने अस्पताल और स्कूल, ईरान में 85,000 नागरिक ठिकानों को पहुंचा भारी नुकसान; हजारों परिवारों का पलायन
अधिकारियों के मुताबिक, यह अनौपचारिक बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसका उद्देश्य ठोस और कार्रवाई योग्य परिणाम हासिल करना है। कोशिश होगी कि इन वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस नीतियां और सहयोगात्मक कदम सामने आएं जो भविष्य में स्थिरता और शांति सुनिश्चित कर सकें।
