ट्रंप की चीन यात्रा से पहले ड्रैगन की दो टूक, ताइवान समेत इन 4 मुद्दों पर बातचीत से किया साफ इनकार
Donald Trump China Visit: ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले चीन ने 4 मुख्य मुद्दों पर 'रेड लाइन्स' खींच दी है। ताइवान और मानवाधिकार जैसे विषयों पर चीन ने किसी भी समझौते से साफ इनकार किया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ट्रंप की चीन यात्रा, कांसेप्ट फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump China Visit Four Red Lines: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई 2026 तक चीन के दौरे पर हैं जिसे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के औपचारिक रूप से गति पकड़ने से पहले ही चीन ने अपनी सख्त मंशा साफ कर दी है। बीजिंग ने अमेरिका के सामने साफ तौर से ‘चार रेड लाइन्स’ खींच दी हैं जिन पर वह किसी भी कीमत पर समझौता करने को तैयार नहीं है।
चीन की 4 रेड लाइन्स
अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए वाशिंगटन को कड़ा संदेश भेजा है। चीन ने साफ किया है कि द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने के लिए अमेरिका को इन चार मुद्दों पर दखल देने से बचना होगा:
ताइवान का मुद्दा: चीन इसे अपना आंतरिक मामला मानता है और इसमें किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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लोकतंत्र और मानवाधिकार: चीन की अपनी शासन व्यवस्था और मानवाधिकारों की व्याख्या पर कोई चर्चा नहीं होगी।
राजनीतिक व्यवस्था: दोनों देशों की अपनी राजनीतिक संरचनाएं हैं और चीन अपनी व्यवस्था पर किसी भी तरह की चोट स्वीकार नहीं करेगा।
विकास का अधिकार: चीन की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को रोकने की किसी भी कोशिश को चीन अपनी संप्रभुता पर हमला मानेगा।
चीनी दूतावास ने जोर देकर कहा कि आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और ‘विन-विन’ सहयोग ही आगे बढ़ने का एकमात्र सही रास्ता है।
क्या है ट्रंप का चीन एजेंडा?
एक तरफ चीन ने अमेरिका को अपने आंतरिक मामलों से दूर रहने की चेतावनी दी है, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर है। ट्रंप ने चीन रवाना होने से पहले घोषणा की कि वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चीनी अर्थव्यवस्था को और अधिक खोलने का आग्रह करेंगे। इस मिशन में ट्रंप अकेले नहीं हैं उनके साथ अमेरिकी कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े नाम एयर फोर्स वन में सवार हैं।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन हैं शामिल?
इस प्रतिनिधिमंडल में एलन मस्क टिम कुक और NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनके अलावा लैरी फिंक, स्टीफन स्वार्जमैन और जेन फ्रेजर जैसे बड़े कारोबारी भी इस यात्रा का हिस्सा हैं। ट्रंप का मानना है कि यदि चीन अपनी सीमाओं को खोलता है तो ये कारोबारी चीन को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा।
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ईरान संकट और कूटनीतिक तनाव
इस यात्रा के बीच ईरान के साथ बढ़ता तनाव भी चर्चा का विषय बना हुआ है। चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका को ईरान के मुद्दे पर किसी की सहायता की आवश्यकता नहीं है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को सही फैसला लेना होगा अन्यथा अमेरिका काम पूरा करना जानता है।
