डोनाल्ड ट्रंप से यूरोप का मोह भंग! रूस से सीधे बातचीत की तैयारी में EU, मेलोनी ने पुतिन को लेकर दिया बड़ा बयान

Giorgia Meloni Statement: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर यूरोप से रूस से बातचीत शुरू करने का समर्थन किया और इसके लिए विशेष दूत नियुक्त करने का सुझाव दिया।
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जॉर्जिया मेलोनी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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EU Russia Talks Ukraine: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक बयानबाजी और यूरोप के साथ बढ़ते तनाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर एक अहम और चर्चा में रहने वाला बयान दिया है। मेलोनी का मानना है कि अब समय आ गया है जब यूरोपियन यूनियन को यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए रूस के साथ सीधी बातचीत शुरू करनी चाहिए।

रोम में शुक्रवार को नए साल के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेलोनी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की राय से सहमत हैं। मैक्रों ने दिसंबर में यह सुझाव दिया था कि यूरोप को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ दोबारा संवाद का रास्ता खोलना चाहिए। मेलोनी ने कहा कि मौजूदा हालात में बातचीत ही आगे बढ़ने का सही तरीका है और सिर्फ एक पक्ष से संवाद करने के कारण अब तक यूरोप की भूमिका सीमित बनी रही है।

मेलोनी ने रूस को लेकर क्या बयान दिया?

रूस से बातचीत के समर्थन में बोलते हुए मेलोनी ने यह भी कहा कि किसी भी तरह की जल्दबाजी या अव्यवस्था से बचना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने यूक्रेन के लिए यूरोपियन यूनियन के एक विशेष दूत की नियुक्ति का सुझाव दिया। उनका मानना है कि ऐसा दूत बातचीत की प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बना सकता है। यूरोपियन यूनियन के भीतर यह विचार पहली बार सामने आया है, जिसे भविष्य में शांति वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यदि हालात अनुकूल होते हैं, तो आने वाले समय में पुतिन और मेलोनी जैसे नेता एक ही टेबल पर बैठकर शांति की संभावनाओं पर चर्चा करते नजर आ सकते हैं। हालांकि, रूस के साथ संबंधों को लेकर यूरोपियन यूनियन के भीतर गहरे मतभेद बने हुए हैं। बाल्टिक देशों समेत कुछ सदस्य देश रूस से किसी भी तरह की बातचीत के सख्त खिलाफ हैं, जिसके कारण अब तक यूरोपीय नेतृत्व एक साझा रुख तय नहीं कर पाया है।

ग्रीनलैंड पर विवाद से बढ़ी चिंता

दूसरी ओर, ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों ने भी यूरोपियन यूनियन की लीडरशिप को चिंतित कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि चाहे ग्रीनलैंड को खरीदना पड़े या कोई और तरीका अपनाना पड़े, अमेरिका उसे अपने नियंत्रण में लेना चाहता है, ताकि रूस और चीन को वहां प्रभाव जमाने से रोका जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने यूरोप की कूटनीतिक चुनौतियों को और जटिल बना दिया है।

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