ईरान पर हमला करेगा अमेरिका! डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया कंफर्म, राष्ट्ररपति को दी गई सैन्य विकल्पों की जानकारी

Iran Protests: ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं, जो आर्थिक संकट से शुरू हुए थे। प्रदर्शनकारी इस्लामी गणराज्य के अंत की मांग कर रहे हैं, जबकि अमेरिका समर्थन की पेशकश कर रहा है।
Trump Military Action in Iran
डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर सैन्य विकल्पों की जानकारी दी गई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Trump Military Action in Iran: ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। ये आंदोलन दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन से उभरे थे, लेकिन अब पूरे देश में फैलकर इस्लामी गणराज्य के अंत की मांग करने वाला राष्ट्रीय आंदोलन बन गए हैं। इसी बीच खबर आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हाल ही में ईरान में संभावित सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दी गई है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि, ट्रंप को हाल ही में ईरान में संभावित सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दी गई है। इन विकल्पों में विशेष रूप से तेहरान के कुछ चुने हुए स्थानों पर हमले करना शामिल है, जिनमें शासन की आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े गैर-सैन्य लक्ष्य शामिल हैं। हालांकि, अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

ईरान में प्रदर्शन को लेकर ट्रंप का रूख?

ट्रंप प्रशासन ईरानी अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हिंसा रोकने के लिए कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य उपायों पर विचार कर रहा है। वहीं ईरानी शासन ने विरोध को दबाने के लिए देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया है। सुरक्षा बलों की ओर से लाइव गोलीबारी, गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई की खबरें लगातार आ रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि "ईरान पहले कभी इतनी आजादी की ओर नहीं देख रहा था। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।" रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और "मेक ईरान ग्रेट अगेन" का नारा देकर आयतुल्लाह शासन के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों का लंबे समय से जारी दुःस्वप्न जल्द खत्म होने वाला है, प्रदर्शनकारी जीतेंगे और अमेरिका मदद के लिए तैयार है।

इस्लामी क्रांति के बाद सबसे बड़ा आंदोलन

मानवाधिकार संगठनों और इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ़ वॉर की रिपोर्ट के अनुसार, 10 जनवरी को ईरान के 15 प्रांतों में 60 से अधिक विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कई मध्यम और बड़े पैमाने के थे। यह आंदोलन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे व्यापक और बहुस्तरीय माना जा रहा है। इसमें युवा, छात्र और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग शामिल हैं।

ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों को उन्मादी बताते हुए, उन्हें अमेरिका और इजराइल के एजेंट करार दे रहे हैं। हालांकि आंदोलन की गति और व्यापक समर्थन ने इसे लंबे समय से दबाए गए विरोध की सबसे बड़ी अभिव्यक्ति बना दिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com