

Security Advisory For Indians In Israel: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और युद्ध की आहट के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इजराइल में रह रहे हजारों भारतीयों को अब पल-पल बदलती स्थिति को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क रहने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की सख्त जरूरत है। इजराइल में भारतीयों के लिए सुरक्षा के इस नाजुक समय में शांति की अपील और सुरक्षा की चिंता हर भारतीय परिवार के मन में छाई हुई है। दूतावास ने सभी से आग्रह किया है कि वे घबराएं नहीं बल्कि सावधानी और सूझबूझ से अपना बचाव सुनिश्चित करें।
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक विशेष सुरक्षा परामर्श जारी किया है जिसमें भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा गया है। इस परामर्श में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि सभी नागरिक हर समय सतर्क रहें और इजराइली अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की खबरों के बीच भारतीयों को अपनी सुरक्षा के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।
एडवाइजरी के अनुसार इजराइल में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित सुरक्षा शेल्टरों के आसपास ही अपना समय बिताएं। उन्हें अपने निवास स्थान या कार्यस्थल के पास मौजूद सुरक्षित स्थानों और बंकरों की पहचान करने और उनसे पूरी तरह परिचित होने के लिए कहा गया है। यह सुरक्षा उपाय किसी भी संभावित हवाई हमले या आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए बेहद जरूरी बताया गया है।
दूतावास ने भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक इजराइल के भीतर किसी भी अनावश्यक यात्रा से बचने और अपने घरों में ही सुरक्षित रहने को कहा है। नागरिकों को स्थानीय समाचारों, आधिकारिक घोषणाओं और आपातकालीन अलर्ट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है ताकि वे हर अपडेट से वाकिफ रहें। अनावश्यक आवाजाही से न केवल सुरक्षा का खतरा बढ़ता है बल्कि आपातकालीन सेवाओं के काम में भी रुकावट पैदा हो सकती है जिससे संकट गहरा सकता है।
भारतीय मिशन ने सहायता की आवश्यकता वाले नागरिकों के लिए 24 घंटे चलने वाली एक विशेष आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिया है। दूतावास के अधिकारी इजराइली सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं ताकि जमीनी हकीकत पर नजर रखी जा सके और जरूरी मदद दी जा सके। भारत सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध जैसी स्थिति में कोई भी भारतीय नागरिक खुद को असहाय या अकेला महसूस न करे।
यह एडवाइजरी तब जारी की गई है जब इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के कई ठिकानों पर एहतियाती हमले करने का दावा किया है। इन हमलों ने मध्य पूर्व में बड़े क्षेत्रीय टकराव की आशंका पैदा कर दी है जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं अब काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को भी सुरक्षा कारणों से तेहरान के बाहर किसी गुप्त स्थान पर ले जाने की खबरें मिल रही हैं।