ईरान पर हमले की फोटो, (सो. सोशल मीडिया)
Israel Strikes Tehran Missile Sites: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल ने शनिवार को दावा किया कि उसके लड़ाकू विमानों ने रात भर चले सैन्य अभियान में तेहरान स्थित कई फैक्ट्रियों पर सटीक हमले किए हैं जिससे ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन क्षमता ‘काफी कम’ हो गई है।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के अनुसार, तेहरान के भीतर दर्जनों लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में विशेष रूप से उन जगहों को चुना गया था जिनका इस्तेमाल लंबी दूरी की मिसाइलों के निर्माण के लिए जरूरी कंपोनेंट्स बनाने में किया जाता था।
आईडीएफ के एक टेलीग्राम पोस्ट के मुताबिक, नष्ट किए गए ठिकानों में एक मिसाइल फ्यूल प्लांट, कंपोनेंट स्टोरेज फैसिलिटी और मुख्य प्रोडक्शन साइट्स शामिल हैं। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान के उस बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को रोकने के लिए जरूरी है, जो सीधे तौर पर इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने साफ कर दिया है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है। शनिवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने संकेत दिया कि इस हफ्ते हमलों की तीव्रता में भारी वृद्धि की जाएगी। काट्ज ने स्पष्ट किया कि इजरायल की रणनीति न केवल ईरान की रणनीतिक क्षमताओं को कम करना है, बल्कि उसके कमांडरों को खत्म करना भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए खतरा पूरी तरह दूर नहीं हो जाता तब तक वे नहीं रुकेंगे।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन हमलों को ‘पूरी तरह गैरकानूनी और बिना उकसावे वाला’ करार दिया है। उन्होंने जापान की एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि केवल सीजफायर काफी नहीं है, बल्कि इस संघर्ष का पूरी तरह अंत होना चाहिए।
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अराघची ने दावा किया कि जब ईरान अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया में था तब उस पर यह हमला किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान जो भी कार्रवाई कर रहा है वह अपनी आत्मरक्षा के तहत कर रहा है और जब तक जरूरी होगा, वह अपनी रक्षा करना जारी रखेगा। युद्ध के इस बढ़ते स्तर ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इजरायल अब सीधे तेहरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है और आने वाले दिनों में और भी भीषण हमलों की चेतावनी दे रहा है।