चीन की साजिश का पर्दाफाश! Operation Sindoor में दिया था पाकिस्तान का साथ, भारत के खिलाफ डर्टी गेम बेनकाब
Operation Sindoor India Pakistan: चीन ने पहली बार माना है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को J-10CE जेट्स के लिए बड़ी तकनीकी मदद दी थी, जिससे ड्रैगन की असली भूमिका सामने आ गई है।
- Written By: प्रिया सिंह
फाइटर जेट (सोर्स-सोशल मीडिया )
China Tech Support To Pakistan Against India During Operation Sindoor: भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिनों के संघर्ष में चीन का बड़ा हाथ था। चीन ने अब पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने पाकिस्तान की मदद की थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने अपने पड़ोसी देश को सीधे तौर पर अहम तकनीकी सहायता दी थी। इस खुलासे ने पूरी दुनिया के सामने चीन के डर्टी गेम और उसकी कूटनीति का असली चेहरा ला दिया है।
चीनी सरकारी मीडिया सीसीटीवी की रिपोर्ट में इस बात का बहुत ही बड़ा और अहम खुलासा हुआ है। J-10CE फाइटर जेट से जुड़ी एक पूरी चीनी तकनीकी टीम युद्ध के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थी। इस टीम ने पाकिस्तान के युद्ध के मैदान में जाकर पाकिस्तानी विमानों को पूरी तरह ठीक किया। उन्होंने इन उन्नत लड़ाकू विमानों को सही तरीके से चलाने में भी बहुत महत्वपूर्ण मदद दी थी।
ऑपरेशन सिंदूर पर झांग हेंग का खुलासा
चीन की एविएशन कंपनी चेंगदू एयरक्राफ्ट डिज़ाइन इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने इसकी पुष्टि की है। झांग हेंग ने इंटरव्यू में बताया कि वह मई की शुरुआत में 50 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान में वहां पहुंचे थे। हवाई हमलों के सायरन और मानसिक दबाव के बीच उन्होंने पाकिस्तान को विमानों के लिए पूरा तकनीकी सपोर्ट दिया।
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पाकिस्तान के पास चीन के बनाए हुए J-10CE नाम के आधुनिक लड़ाकू विमान मौजूद हैं जो 4.5 पीढ़ी के हैं। इन अत्याधुनिक विमानों में हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और शक्तिशाली रडार सिस्टम लगा हुआ है। पाकिस्तान ने साल 2020 में 36 J-10CE फाइटर जेट और 250 पीएल-15 मिसाइलों की भारी खरीद की थी।
चीनी इंजीनियर शू डा का पाकिस्तान की मदद को लेकर बयान
एक अन्य चीनी इंजीनियर शू डा ने भी युद्ध के दौरान पाकिस्तान जाकर तकनीकी मदद देने की बात कबूल की है। शू डा ने J-10CE विमान की तुलना एक बच्चे से करते हुए कहा कि उन्होंने इसे पाल पोस कर सौंपा था। उनके अनुसार लड़ाकू विमान ने बहुत शानदार परिणाम दिए जो किसी भी दृष्टिकोण से आश्चर्य की बात नहीं है।
भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफिटेनेंट का दावा
भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफिटेनेंट जनरल राहुल सिंह ने पहले ही चीन की इस चाल का दावा किया था। चीनी सैटेलाइट भारतीय सेना की हर गतिविधि पर नजर रखकर पाकिस्तान को सीधे सारी अहम जानकारी दे रहे थे। अब खुद चीनी इंजीनियरों के इन खुले बयानों से भारत के उन सभी दावों की पूरी तरह से पुष्टि हो गई है।
चीनी मीडिया ने पाकिस्तानी दावों को खूब बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया लेकिन असल नुकसान पर पूरी चुप्पी साधी। इस जंग में पाकिस्तान के कई आतंकी मुख्यालय और महत्वपूर्ण हवाई अड्डे पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए थे। भारत की वायु सेना ने अपनी श्रेष्ठता दिखाई जबकि चीन के शक्तिशाली रडार उस समय पूरी तरह विफल रहे थे।
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चीन के खुलासे के पीछे की असली वजह
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन चीनी इंजीनियरों के ये खुलासे असल में एक सोची-समझी बिक्री की चाल है। चीन इसके जरिए अपनी तकनीक की श्रेष्ठता दिखाकर दूसरे देशों को अपने महंगे हथियार बेचना चाह रहा है। अब चीन अपने बेहद आधुनिक जे-35 स्टेल्थ बॉम्बर को भी पाकिस्तान को बेचने की बहुत बड़ी योजना बना रहा है।
