
बेंजामिन नेतन्याहू और सीरिल रामफोसा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel South Africa Tension: इजरायल और हमास के बीच जारी खूनी संघर्ष के बीच अब एक नया अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मोर्चा खुल गया है। दक्षिण अफ्रीका और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण अफ्रीका ने एक कड़ा कदम उठाते हुए इजरायल के उप-राजदूत को देश से बाहर निकालने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया गाजा में युद्धविराम की उम्मीद कर रही थी लेकिन इस नए विवाद ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामफोसा की सरकार ने इजरायली दूतावास में ‘चार्ज डी’एफेयर्स’ (उप-राजदूत) एरियल सिडमैन को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, सिडमैन को अपनी बोरिया-बिस्तर समेटने के लिए केवल 72 घंटे का समय दिया गया है। एरियल सिडमैन साल 2023 से दक्षिण अफ्रीका में इजरायल के सबसे वरिष्ठ राजनयिक के रूप में तैनात थे क्योंकि इजरायल ने अपने मुख्य राजदूत को पहले ही वापस बुला लिया था।
दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्रालय ने इस कठोर कार्रवाई के पीछे बेहद गंभीर कारण बताए हैं। मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से लगातार दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सीरिल रामफोसा का अपमान किया जा रहा था।
इसके अतिरिक्त, इजरायली अधिकारियों की यात्राओं के बारे में मेजबान देश (दक्षिण अफ्रीका) को जानबूझकर सूचित नहीं किया गया। दक्षिण अफ्रीका ने इसे ‘कूटनीतिक मानदंडों और प्रथाओं का अस्वीकार्य उल्लंघन’ करार दिया है।
दक्षिण अफ्रीका और इजरायल के बीच कूटनीतिक संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीनी लोगों का प्रबल समर्थक रहा है। यह तनाव तब और बढ़ गया था जब दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत (ICJ) में इजरायल के खिलाफ गाजा में ‘नरसंहार’ करने का गंभीर आरोप लगाया था।
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इजरायल के उप-राजदूत के निष्कासन के बाद अब दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों के पूरी तरह टूटने का खतरा मंडराने लगा है। विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इजरायल की बढ़ती कूटनीतिक घेराबंदी के रूप में देख रहे हैं।






