ईरान युद्ध के बीच ट्रंप ने वेनेजुएला से हटाए तेल प्रतिबंध (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Oil Supply Crisis Management: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने पूरी दुनिया के तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति संकट प्रबंधन के तहत राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बहुत ही बड़ा और चौंकाने वाला कूटनीतिक फैसला लिया है। अमेरिका ने अब वेनेजुएला पर लगे पुराने तेल प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा कर दी है ताकि बाजार में ईंधन की कमी को पूरा किया जा सके। यह कदम युद्ध के 19वें दिन उठाया गया है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोलियोस दे वेनेजुएला एसए पर लगे कड़े प्रतिबंधों को काफी कम कर दिया है। अब अमेरिकी कंपनियां सीधे तौर पर वेनेजुएला के साथ तेल और गैस का कारोबार करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगी। यह फैसला वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
ईरान ने फारस की खाड़ी में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लगभग पूरी तरह से रोक दिया है। दुनिया का लगभग एक-पांचवां हिस्सा तेल इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है जो अब युद्ध के कारण बुरी तरह प्रभावित है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की भारी किल्लत महसूस की जा रही है और कीमतें भाग रही हैं।
ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमेरिकी विदेश नीति में एक बहुत बड़े और दूरगामी बदलाव की ओर स्पष्ट रूप से इशारा करता है। पिछले कई सालों से वाशिंगटन ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र के साथ होने वाले सभी प्रकार के व्यापारिक समझौतों को पूरी तरह रोक दिया था। लेकिन अब ईरान के साथ चल रही लंबी जंग ने अमेरिका को अपनी पुरानी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
वेनेजुएला अब अपना तेल सीधे तौर पर अमेरिकी कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक बाजार के अन्य खरीदारों को भी आसानी से बेच सकेगा। इस फैसले से उन देशों को राहत मिलने की उम्मीद है जो इस समय ईंधन के गहरे संकट और महंगी कीमतों से जूझ रहे हैं। यह कदम रिपब्लिकन प्रशासन पर घरेलू स्तर पर पड़ रहे आर्थिक और राजनीतिक दबाव को भी स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस भीषण युद्ध को आज 19 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। अभी तक इस संघर्ष का कोई भी शांतिपूर्ण समाधान निकलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका ने पहले ही रूस से तेल आयात पर विचार किया था और अब वेनेजुएला दूसरा बड़ा विकल्प बनकर उभरा है।
ईरान लगातार होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों को निशाना बना रहा है जिससे समुद्री व्यापार में बहुत बड़ा जोखिम पैदा हो गया है। ट्रंप सरकार के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती युद्ध के साथ-साथ अपने देश की अर्थव्यवस्था को बचाना भी है। तेल की आपूर्ति बहाल करना ही इस समय वैश्विक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता दिखाई देता है।
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अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि यह राहत कुछ विशेष शर्तों के साथ ही वेनेजुएला को प्रदान की गई है। इन शर्तों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेल के व्यापार से होने वाला लाभ सही दिशा में उपयोग हो। यह रणनीतिक फैसला ईरान की घेराबंदी को और अधिक मजबूत करने के अमेरिकी प्लान का ही एक हिस्सा है।
जैसे ही वेनेजुएला पर से प्रतिबंध हटाने की खबर आई बाजार में कच्चे तेल के भविष्य की कीमतों में हलचल देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेनेजुएला का तेल जल्दी बाजार में आता है तो कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि होर्मुज में जारी युद्ध की स्थिति अभी भी निवेशकों और व्यापारिक घरानों के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है।