मेजर एला वावेया (सोर्स-सोशल मीडिया)
Major Leadership Change In IDF: इजरायल रक्षा बल ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मेजर एला वावेया को सेना की अगली अरबी भाषा की प्रवक्ता नियुक्त करने की घोषणा की है। इस IDF में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही कर्नल अविचाई अद्राई का दो दशकों का कार्यकाल समाप्त होगा। वावेया पहली मुस्लिम महिला उच्च पद प्राप्त करने वाली सैन्य अधिकारी बनेंगी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल का पक्ष रखेंगी। वह अरबी मीडिया जुड़ाव रणनीति की कमान संभालेंगी और जल्द ही लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत होंगी।
इजरायल रक्षा बल (IDF) ने आधिकारिक तौर पर मेजर एला वावेया को अपनी अगली अरबी भाषा की प्रवक्ता बनाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में वे उप-प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं और अगले सप्ताह पदभार संभालते ही उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया जाएगा। यह रैंक किसी भी मुस्लिम अधिकारी द्वारा IDF में हासिल की गई अब तक की सबसे उच्चतम रैंक होगी।
मेजर एला की नियुक्ति के साथ ही कर्नल अविचाई अद्राई के उस लंबे कार्यकाल का अंत होगा जो साल 2005 से शुरू हुआ था। अद्राई ने दो दशकों तक अरबी मीडिया में इजरायली सेना का प्रतिनिधित्व किया और अल जजीरा जैसे प्रमुख चैनलों पर अपनी पहचान बनाई। अब वावेया इस जिम्मेदारी को संभालते हुए अरब जगत के साथ संवाद के नए आयाम स्थापित करेंगी।
36 वर्षीय मेजर एला का जन्म मध्य इजरायल के कलांसुवा शहर के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था और उन्होंने 2013 में अपनी मर्जी से सेना जॉइन की थी। शुरुआती समय में उन्होंने अपनी सैन्य सेवा के फैसले को अपने समुदाय के कुछ हिस्सों से पूरी तरह गुप्त रखा था। वे IDF प्रवक्ता इकाई में अधिकारी बनने वाली पहली मुस्लिम अरब महिला बनकर एक नया मील का पत्थर बना चुकी हैं।
अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने नए मीडिया विभाग में एक गैर-कमीशन अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देना शुरू किया था। साल 2015 में अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया गया था। वर्तमान में वे अरबी डिजिटल सामग्री और सोशल मीडिया अभियानों की देखरेख करने वाली टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
सोशल मीडिया की दुनिया में उन्हें ‘कैप्टन एला’ के नाम से जाना जाता है जहां उनके टिकटॉक पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। वे सूचनात्मक वीडियो के जरिए अरब जगत के दर्शकों तक इजरायली सेना के संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का काम करती हैं। वे मीडिया को एक कठिन युद्धक्षेत्र मानती हैं जहां सूचनाओं की लड़ाई हथियारों की लड़ाई जितनी ही गंभीर होती है।
अरबी प्रवक्ता की भूमिका विशेष रूप से क्षेत्रीय तनाव के समय मध्य पूर्व के मीडिया आउटलेट्स के साथ संपर्क हेतु बहुत महत्वपूर्ण होती है। क्षेत्रीय अस्थिरता के दौरान अरबी भाषी दर्शकों को सही जानकारी देना और सेना का पक्ष मजबूती से रखना उनकी मुख्य चुनौती होगी। इस रणनीतिक पद पर उनका आना इजरायली सेना की संचार नीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।